चुनाव ड्यूटी बचने से बचने को सरकारी कर्मचारी अक्सर बहाने बनाते देखे और सुने होंगे। वह ऐसी अजीबोगरीब दिक्कतों का हवाला देते हैं, जिनसे उन्हें चुनाव ड्यूटी से मुक्ति मिल सकें। हालांकि, इस बार चुनाव ड्यूटी में शामिल नहीं होने वाली महिला टीचर के खिलाफ वारंट जारी कर हिरासत में लेने का मामला सामने आया है।

गुजरात के अहमदाबाद में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल की टीचर को पुलिस ने हिरासत में लेकर निर्वाचन अधिकारी के सामने पेश किया। एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आरोप है कि महिला टीचर चुनाव ड्यूटी में शामिल नहीं हो रही थीं।

अधिकारी ने बताया कि सहायक निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव ड्यूटी में शामिल नहीं होने के लिए टीचर के खिलाफ वारंट जारी किया था। अधिकारी ने बताया कि महिला टीचर ने अपने घर और चुनाव ड्यूटी के लिए आवंटित क्षेत्र के बीच की दूरी का हवाला देते हुए ड्यूटी में शामिल होने से इनकार कर दिया था।

महिला टीचर के स्पष्टीकरण पर विचार करने और उनके अनुरोध के बाद डिप्टी कलेक्टर और सहायक रिटर्निंग अधिकारी उमंग पटेल ने चेनपुर प्राइमरी स्कूल में टीचर हिनल प्रजापति को यहां गोटा में उनके आवास के पास चुनाव ड्यूटी दे दी है।

उमंग पटेल ने कहा, ‘‘टीचर को फरवरी में शहर के घाटलोडिया इलाके में बूथ लेवल ऑफिसर या बीएलओ के रूप में काम करने के लिए चुना गया था, लेकिन वह ड्यूटी पर नहीं आईं। इसके बजाय, उन्होंने हमें एक लिखित अभ्यावेदन भेजा कि वह ड्यूटी में शामिल नहीं हो सकती क्योंकि घाटलोडिया, गोटा स्थित उनके घर से बहुत दूर है। टीचर ने अनुरोध किया कि उसे पास के इलाके में ड्यूटी दी जाए।”

टीचर को आकर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए कहा गया था और ऐसा करने में विफल रहने के बाद पटेल द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत उसके खिलाफ एक वारंट जारी किया गया था। गुजरात की सभी 26 लोकसभा सीट पर एक ही चरण में 7 मई को वोट डाले जाएंगे।

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