दहशत के साए में डॉक्टर व नर्स, पुलिस जांच में जुटी

उदयपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उदयपुर परिसर में स्थित ट्रांजिट हॉस्टल के छह क्वार्टर में एक ही रात में अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर नगदी रुपये, पर्स, राशन सामग्री, मिक्सी सहित जेवरों की चोरी कर ली। घटना की सूचना उदयपुर थाना में दी गई है, जिस पर पुलिस जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार चोरी की वारदात शनिवार रात को हुई। स्वास्थ्य विभाग के ट्रांजिट हॉस्टल उदयपुर में ग्राउण्ड फ्लोर और प्रथम तल में कुल 12 कमरे हैं। घटना दिनांक 30 मार्च की रात को ग्राउंड फ्लोर में रहने वाले अस्पताल के स्टॉफ में कोई नाइट ड्यूटी पर था तो कोई ड्यूटी ऑफ होने के कारण ईस्टर पर्व मनाने ट्रांजिट हॉस्टल के कमरे में ताला लगाकर घर चले गए थे। इस दौरान चोरों ने सूने क्वार्टर का ताला तोड़कर अच्छे से खंगाला और जो हाथ लगा, उसे लेकर चले गए। चोर जिनके कमरे में कुछ हाथ नहीं लगा, वहां का सारा सामान बिखेर कर चले गए। चोरों ने पांच नंबर कमरे में रहने वाली स्टॉफ नर्स व नर्सिंग इंचार्ज तृप्ति प्रधान के कमरे से 60 हजार रुपये नगद, तीन गले का हार सेट, दो चैन, 6 सोने की अंगूठी, चूड़ी छ: नग, गले का चैन दो नग, चांदी का पायल 10 नग, कान का इयर रिंग 4 नग, मिक्सी तथा खाने का सामान लेकर चले गए। कमरा नंबर तीन में रहने वाली सिस्टर पूजा सिंह का दो हजार नगद, एक चांदी का कड़ा, कमरा नं. 06 में रहने वाली डॉ. स्वाति कुर्रे का पांच हजार रुपये नगद तथा घरेलू सामान, कमरा नं. 02 में रहने वाली डॉ. कांता सिंह का तीन हजार रुपये नगद, घड़ी व घरेलू खाने-पीने का सामान, कमरा नं. एक की नेहा टोप्पो का सोने की बाली, ग्यारह हजार रुपये नगद तथा घरेलू सामान ले गए। कमरा नं. 04 में रहने वाले डॉ. सोमेश शुक्ला के कमरे का ताला तोड़कर चोर पूरे कमरे का तलाशी लिए लेकिन यहां उनके हाथ कुछ नहीं लगा। चोर सभी कमरों को खंगालने के बाद बिस्किट, मिक्चर जो मिला उसे बेड में बैठकर खाए और आराम से निकल गये। इस दौरान प्रथम तल के एक कमरे में अस्पताल के लिपिक सोए थे, लेकिन वे चोरों की करतूत से अनभिज्ञ रहे। चोरी की जानकारी पूजा सिंह के ट्रांजिट हॉस्टल में आने के बाद रविवार को सुबह मिली, सभी कमरे के तालों को टूटा देखकर उन्होंने इसकी खबर सभी को दी। आननफानन में सभी ट्रांजिंट हॉस्टल पहुंचे और अपने-अपने कमरों को देखने के बाद इनके होश उड़ गए। घटना की सूचना उदयपुर पुलिस को दी गई। बड़ी चोरी की सूचना पर स्निफर डॉग की मदद ली गई, परंतु पुलिस को चोरों का सुराग लगाने में सफलता नहीं मिल पाई है।

 

सोमवार की भी पुलिस पहुंची घटनास्थल
उदयपुर थाना प्रभारी कुमारी चन्द्राकर और सहायक उपनिरीक्षक दिलीप दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम घटना के दूसरे दिन सोमवार को पुन: घटना स्थल पहुंचकर सभी कमरों में रहने वाले नर्स और डॉक्टरों का बयान दर्ज की है। चोरी की यह वारदात पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। पुलिस इस घटना को लेकर गंभीर है। जांच के दौरान एक सिस्टर का पर्स कचरे के ढेर में फेंका हुआ मिला है, जिसमें से एटीएम कार्ड गायब है।


बीएमओ के रवैये को लेकर दबे जुबां जताई नाराजगी
घटना के बाद बीएमओ के रवैये से स्टॉफ नर्स एवं डॉक्टर काफी नाराज दिखे। चर्चा के दौरान दबी जुबां में इन्होंने कहा अस्पताल परिसर में इतनी बड़ी घटना हो गई, जानकारी मिलने के बाद भी रविवार को वे यहां झांकने तक नहीं आए। इनका कहना था गनीमत है घटना के दौरान वहां कोई अकेली महिला स्टॉफ नहीं थी। अगर किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति बनती तो इसका कौन जिम्मेदार होता। पुलिस टीम के बयान लेने के लिए पहुंचने के बाद बीएमओ मौके पर आए जरूर पर अपने अधीनस्थों को सांत्वना देने के बजाए उन पर ही दोषारोपण करने लगे।

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