मृतक थाना से जाने के बाद स्वजन से मांगा था रुपये, फांसी लगा लेने की दिया था धमकी  

अंबिकापुर। लोकसभा चुनाव को देखते हुए पुलिस निगरानीशुदा बदमाशों को थाना तलब करने में लगी है। अगर संबंधित व्यक्ति पुलिस के तलब करने पर थाना नहीं पहुंचता है तो पुलिसकर्मी इन्हें थाना लेकर आते हैं। पुलिस इनके हाथ-पैर के पंजों का प्रिंट ले रही है, साथ ही अपराध के गर्त से वे कितना बाहर निकल पाए हैं, इसकी जानकारी लेने के लिए पूछताछ कर रही है। इसके पीछे मकसद अपराध की दुनिया से बाहर आ चुके लोगों को माफीनामा का लाभ दिलाना भी है। पुलिस की इस कार्रवाई से निगरानीशुदा बदमाश की लिस्ट से इनका विलोपित हो जाएगा।

इसी क्रम में मंगलवार को रामानुजगंज रोड निवासी विकास प्रजापति का अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी करने का मामला सामने आया था। मृतक के स्वजन पुलिस पर प्रताड़ना व जिलाबदर करने की धमकी देने, रुपये की मांग करने जैसा आरोप लगा रहे थे। इसका कोई पुष्ट आधार सामने नहीं आया है। मामले की जांच में पुलिस जुटी और स्वजन सहित अन्य लोगों का बयान लिया तो सामने आया कि युवक नशेड़ी प्रवृत्ति का था। इसके विरूद्ध मारपीट, चोरी, लूट जैसे मामले कोतवाली थाना में 11 और गांधीनगर थाना में  03 दर्ज हैं। पुलिस उक्त युवक को बुधवार को शाम 6.20 बजे कोतवाली थाना लेकर आई थी और हाथ-पैर के पंजे, अंगूठे का प्रिंट लेने के बाद पूछताछ कर 7.10 बजे छोड़ दी थी। युवक को जब थाना लाया गया तत्समय वह नशे में था। कोतवाली टीआई मनीष सिंह परिहार ने बताया कि मृतक के पिता सहित अन्य से पूछताछ दौरान सामने आया कि थाना से घर जाने के बाद युवक रुपये और छोटे भाई के स्कूटी ले जाने की बात को लेकर विवाद कर रहा था। वह अपनी मां से रुपये की भी मांग कर रहा था, रुपये नहीं देने पर फांसी लगा लेने की धमकी दे रहा था। मां उसे पांच सौ रुपये दे रही थी, जिसे वह लेने को तैयार नहीं था, उसे और अधिक रुपये चाहिए थे। मृतक की मां उसे शांत करने के लिए पांच सौ रुपये दे दी, जिसे वह लौटा दिया। इसके बाद स्वजन सोने के लिए चले गए थे। इसी बीच वह एक कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर लिया था। पुलिस ने मृतक के स्वजन की ओर से दिए गए बयान को लेकर किसी प्रकार का आक्षेप न लगे, इसे देखते हुए पारदर्शिता बनाए रखने संबंधितों से लिए गए बयान का वीडियो रिकार्डिंग भी कराया है।  

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