स्कूल के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन, कक्षा पांचवीं में टॉपर रही, बेटी की मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल

अंबिकापुर। शिक्षिका के प्रताड़ना से दु:खी होकर कक्षा छठवीं में पढ़ने वाली होनहार छात्रा ने खुदकुशी जैसा घातक कदम उठा लिया। एकलौती पुत्री के द्वारा उठाए गए इस कदम से जहां एक ओर स्वजन मर्माहत हैं, वहीं अभिभावकों सहित विभिन्न संगठनों ने घटना को लेकर आक्रोश व्यक्त किया और शहर के निजी, कार्मेल स्कूल के सामने टायर जलाकर घंटों नारेबाजी की। बेटी के सुनहरे भविष्य का ख्वाब संजोए पिता व मां का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ने अपनी लाड़ली बेटी से खुदकुशी के लगभग तीन घंटे पहले वीडियो कॉलिंग में बात की थी। वे घर पहुंच पाते, इसके पहले बेटी सुसाइड नोट लिखकर खुदकुशी कर ली। इस घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन नेे स्कूल प्रबंधन को शो कॉज नोटिस जारी किया है। पुलिस आरोपित शिक्षिका को गिरफ्तार करके जेल भेज दी है।
जानकारी के मुताबिक दर्रीपारा, अंबिकापुर निवासी पीएमजीएसवाय में सब इंजीनियर आलोक सिन्हा की होनहार बेटी अर्चिशा सिन्हा 12 वर्ष, शहर के कार्मेल स्कूल में कक्षा छठवीं में पढ़ती थी। मंगलवार को वह रोजाना की तरह स्कूल गई थी। दोपहर तीन बजे घर आने के बाद वह अपनी मां से तबीयत ठीक नहीं लगने की बात कहते हुए ट्यूशन जाने से मना कर दी। मां ममता सिन्हा ने बेटी को खाना खाने के लिए कहा, लेकिन वह इन्कार कर दी। इसके बाद मां उसे कुछ देर आराम करने के लिए कहा और अपने काम में व्यस्त हो गई। अर्चिशा घर के दूसरे माले में स्थित अपने अध्ययन कक्ष में चली गई। रात लगभग 9.30 बजेे खाना खाने के लिए बेटी को बुलाने मां पहुंची, तो कमरा अंदर से बंद था। बाहर से आवाज लगाने पर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। काफी आवाज लगाने के बाद भी जब कमरा नहीं खुला तो वह खिड़की से झांककर अंदर देखी, पलंग के ऊपर कुर्सी रखा था और पास ही दुपट्टा के सहारे फांसी पर बेटी लटकी थी, यह देखकर मां की चीख निकल गई। चीख-पुकार सुनकर घर में मौजूद स्वजन व आसपास के लोग पहुंचे और बलपूर्वक दरवाजे को खोलकर पंखे के सहारे फांसी पर लटकी मासूम को उतारा। बच्ची का शरीर ठंडा पड़ गया था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। बच्ची को फांसी से उतारकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, यहां जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। कमरे में बच्ची के द्वारा इंग्लिश में लिखा एक सुसाइड नोट मिला है, जिसे पढ़कर सभी की आंखें नम हो जा रही हैं। बच्ची ने सुसाइड नोट में जिस प्रकार अपने मनोभावों को व्यक्त कर माता-पिता, सहपाठियों के प्रति स्नेह जताया है और शिक्षिका की क्रूरता के प्रति जो भाव प्रदर्शित किया है, वह हर किसी को हैरान कर देने वाला है। घटना की जानकारी जैसे ही लोगों को मिली, स्कूल प्रबंधन व शिक्षिका के विरूद्ध आक्रोश की लहर दौड़ गई। कार्रवाई व शिक्षिका की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं, अभिभावकों ने स्कूल के सामने बैठकर नारेबाजी की। टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में बैठकर आक्रोश व्यक्त किया।

कक्षा पांचवीं में टॉप फाइव में प्रथम स्थान पर रही
आलोक सिन्हा की एकलौती पुत्री अर्चिशा पढ़ने में काफी होशियार और कक्षा की टापर थी। कक्षा छठवीं में पहुंची उक्त छात्रा को पढ़ाने वाली सिस्टर मर्सी पिछले कुछ दिनों से उसे प्रताड़ित कर रही थी, जिससे छात्रा दुखी थी। छात्रा ने अपने पिता को शिक्षिका के द्वारा अच्छे से नहीं पढ़ाने की जानकारी भी दी थी। पिता का आरोप है कि इसके बाद अर्चिशा की प्रिंसिपल से उन्होंने बात की और इनका व्यवहार उसके प्रति बदल गया था। बच्ची ने सुसाइड नोट में सि. मर्सी के नाम का उल्लेख करते हुए उन बातों को बयां किया है, जो उसके साथ स्कूल में घटित हुआ था।

पिता से वीडियो कॉलिंग में की थी बात
बच्ची अर्शिता के पिता आलोक सिन्हा कुछ दिन पहले विभागीय कार्य से रायपुर गए थे। इस दौरान उनकी बात बेटी से फोन पर होती थी। मंगलवार को शाम साढ़े छह बजे बेटी से पिता की बात वीडियो कॉलिंग में हुई थी, लेकिन उसने स्कूल में हुए घटनाक्रम के संबंध में कुछ भी नहीं बताया था। संभवत: वह घर लौट रहे पिता को नर्वस नहीं करना चाहती थी, वहीं पिता के आने के बाद स्कूल में अभिभावक को तलब करने की शिक्षिका से मिली धमकी से उस पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव का भय उसमें समाहित हो गया था।

शिक्षिका को ठहराया मौत का जिम्मेदार
सुसाइड नोट में छात्रा ने उल्लेख किया है कि शिक्षिका सि. मर्सी ने उसके व दो अन्य सहपाठियों के गले से उनका आईकार्ड खींच लिया था, इसे लेकर वह दु:खी थी। छात्रा ने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार उक्त शिक्षिका को ठहराते हुए उससे बदला लेने का जिक्र किया है। यह भी लिखा है कि उक्त शिक्षिका को जीने का अधिकार नहीं है। छात्रा ने अपने सहपाठियों को दंड से बचाने की अपील की है। माता-पिता व अन्य के प्रति प्यार जताते हुए मृत्यु के बाद उसका पोस्टमार्टम नहीं करने, अंतिम संस्कार में सभी साथियों को बुलाने का उल्लेख किया था। अंत में अपनी मां को बेकसूर बताया है।

समझाइश के बाद रवाना हुए प्रदर्शनकारी
सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुपलेश कुमार सहित एसडीएम फागेश सिन्हा, सीएसपी स्मृतिका राजनाला, जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुहे सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी तथा भारी संख्या में पुलिस बल स्कूल पहुंचा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देने के साथ स्कूल प्रबंधन से भी चर्चा की। घटना को लेकर नाराज लोगों द्वारा तीन घंटे से अधिक स्कूल गेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया। अधिकारियों की समझाइश व प्रबंधन, आरोपी शिक्षिका पर कार्रवाई को लेकर मिले आश्वासन पर प्रदर्शनकारी वहां से रवाना हुए।

वायरल हुआ सुसाइड नोट
छात्रा के द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद जिसने भी बच्ची के मनोभावों को पढ़ा, वह स्कूल प्रबंधन व शिक्षिका को कोसते नजर आया। सुसाइड नोट में लिखी गई एक-एक लाइन होनहार बच्ची के मन में छिपे शिक्षिका के प्रति कोप को सामने ला रहा है। बच्ची ने अपने सहपाठियों व माता-पिता के प्रति जितना प्रेमभाव सामने लाया है, वहीं स्कूल में अभिभावक रूपी शिक्षिका के लिए उल्लेखित किया सि. मर्सी बहुत डेंजर्स है।

कार्मेल स्कूल को शो कॉज जारी, तीन दिवस के अंदर मांगा जवाब
शहर के निजी स्कूल में अध्ययनरत कक्षा छठवीं की छात्रा द्वारा खुदकुशी की घटना संज्ञान में आते ही प्रारम्भिक जांच पश्चात स्वजनों की शिकायत पर कलेक्टर ने आवश्यक कार्रवाई की है। कलेक्टर ने विद्यालय प्रबंधन एवं प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि संबंधित शिक्षक एवं संस्था का उक्त व्यवहार भारतीय दण्ड संहिता एवं संविधान द्वारा बच्चों को प्रदत्त मौलिक अधिकारों से सर्वथा विपरीत है, जो दंडनीय है। नोटिस में संस्था को प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र निरस्त करने का प्रस्ताव शासन को क्यों ना भेजा जाए, इसका कारण बताते हुए 03 दिवस के भीतर समक्ष उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षिका को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया
शहर के कार्मेल स्कूल में अध्ययनरत नाबालिग छात्रा द्वारा घर में फांसी लगाकर खुदकुशी करने के मामले में सरगुजा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सर्वप्रथम मर्ग कायम कर जांच में लिया। मर्ग कायमी पश्चात पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर छात्रा का सुसाइड नोट मौके से बरामद किया। एफएसएल टीम, पुलिस टीम द्वारा मौके से साक्ष्य एकत्रित कर मृतक नाबालिग छात्रा का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं सुसाइड नोट के आधार पर  स्कूल की आरोपित शिक्षिका सिस्टर मर्सी के विरुद्ध थाना मणीपुर में अपराध क्रमांक 34/24 धारा 305 भादवि का अपराध दर्ज कर आरोपिया को गिरफ्तार कर न्यायलय के समक्ष पेश किया गया। यहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

 

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