वीकली टेस्ट में शामिल होने के बाद भी मार्कसीट में अंक नहीं जोड़ा, विवि का चक्कर काटने मजबूर

अंबिकापुर। वीकली टेस्ट का अंक मार्कसीट में नहीं जुड़ने का खामियाजा छात्रा का भुगतना पड़ रहा है। महाविद्यालय के प्राचार्य ने इस त्रुटि को स्वीकार करते हुए संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय के कुलसचिव के नाम पत्र प्रेषित करके बीएड प्रथम वर्ष सत्र 2022-23 की छात्रा चम्पा सिंह पिता पारसनाथ सिंह के वीकली टेस्ट, विषय में त्रुटिवश छूटी हुई अंक प्रविष्ट करने का आग्रह किया गया है, लेकिन छह माह हो गए छात्रा विश्वविद्यालय का चक्कर काटने विवश है। उसे भविष्य खराब होने की चिंता सता रही है।

जानकारी के मुताबिक मूलत: सूरजपुर जिला के श्रीनगर की रहने वाली छात्रा चम्पा सिंह पिता पारसनाथ सिंह मार्गदर्शन संस्थान शिक्षा महाविद्यालय बैकुंठपुर कोरिया में वर्ष 2022-23 में बीएड प्रथम वर्ष की नियमित छात्रा थी और वीकली टेस्ट में भी उपस्थित हुई थी। महाविद्यालय ने अंक प्रविष्ट करते समय वीकली टेस्ट के विषय में अंक को प्रविष्ट नहीं किया था, जिससे उसका भविष्य खतरे में पड़ गया है और उसेे साल बर्बाद होने की चिंता सता रही है। छात्रा चम्पा सिंह का कहना है कि इसका प्रमाणीकरण महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा आठ जुलाई 2023 को संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय के कुलसचिव के नाम पत्र लिखकर किया गया है, लेकिन आज पर्यंत मार्कसीट में वीकली टेस्ट का अंक नहीं जुड़ पाया है। कहा जाए तो वीकली टेस्ट में उसकी अनुपस्थिति दर्ज हो रही है। महाविद्यालय जाने पर उसे विश्वविद्यालय का रास्ता दिखाया जाता है। छात्रा का कहना है कि पूर्व में उसे बताया गया कि अंक मार्कसीट में जोड़ दिया जाएगा, लेकिन अब अंक नहीं जुड़ने की बात कही जा रही है। ऐसे हालात में उसकी पढ़ाई भी बाधित हो रही है। छात्रा ने बताया कि वह कई बार विश्वविद्यालय आ चुकी है, लेकिन महाविद्यालय की गलती का ठीकरा उसके ऊपर फोड़ा जा रहा है। अंतिम वर्ष का फार्म भरने में उसे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 15 जनवरी को वह संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय के कुलपति के नाम पत्र प्रेषित करके मार्कसीट में वीकली टेस्ट का अंक जोड़ने का आग्रह की, लेकिन अभी तक भटकने की स्थिति बन रही है।

मार्गदर्शन संस्थान शिक्षा महाविद्यालय बैकुंठपुर की बीएड की एक छात्रा के मार्कसीट में वीकली टेस्ट का अंक नहीं जुड़ने का मामला संज्ञान में आया है। मैंने कुलसचिव को छात्रा के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इसका समाधान निकालने का निर्देश दिया है। महाविद्यालय की गलती का खामियाजा छात्रा न भुगतेे, इसका ध्यान रखने कहा गया है।
प्रो. अशोक सिंह, कुलपति
संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय सरगुजा

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