पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा-मैं हारकर मैदान नहीं छोडूंगा, अगर जीत जाता तो अगली पीढ़ी को विरासत सौंप देता

अंबिकापुर। विधानसभा चुनाव 2023 का चुनाव परिणाम सामने आने के बाद सोमवार को प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव कोठीघर में अपने कार्यकर्ताओं के साथ डटे रहे। इनसे मिलने के लिए शहर के कई गणमान्य नागरिकों का आना हुआ। सभी से सहज भाव से मिलकर उनका अभिवादन वे स्वीकार कर रहे थे। मुलाकात करने पहुंचे पत्रकारों के समक्ष उन्होंने अपने मन की बात को रखा और हार स्वीकारते हुए कहा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस काम की, कुछ न कुछ कमी रही होगी, जिसे जनता ने स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा 90 हजार से अधिक लोगों ने उन्हें मत दिया है, उनकी भावना, विश्वास को जीवन पर्यंत निभाएंगे।

अंबिकापुर विधानसभा से 94 मतों से मिली हार के बाद टीएस सिंहदेव रोजाना की तरह अपने कार्यों में व्यस्त रहे। इस बीच आगंतुकों से बड़ी सहजता के साथ उन्होंने मुलाकात की। उन्होंने वर्ष 2023 के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद कहा-मैं हारकर मैदान नहीं छोडूंगा। अगर जीत जाता तो अगली पीढ़ी को विरासत सौंप देता। हार गया हूं तो मैदान में डटे रहूंगा। उन्होंने प्रदेश की नई सरकार के मुख्यमंत्री के प्रश्न पर अपनी पसंद डॉ. रमन सिंह व रेणुका सिंह को बताया। उन्होंने कहा रमन सिंह जी का पलड़ा भारी है। रेणुका सिंह सरगुजा से हैं, हमारे बीच का कोई बनेगा तो अच्छा लगेगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव और विष्णु देव साय का नाम भी मुख्यमंत्री के लिए सामने आ रहा है। उन्होंने कहा पिछले चुनाव में प्रदेश में भाजपा के पास 15 सीट थी, अभी 54 हैं, 39 सीटों का इजाफा हुआ है। पांच वर्ष में भाजपा के मतों में 14 प्रतिशत का इजाफा बहुत बड़ी बात है। कांग्रेस वर्तमान में मतों के मामले में यथास्थिति में है। पिछले चुनाव में मतदाताओं ने कांग्रेस और भाजपा को 80 प्रतिशत वोट दिए थे। इस बार वोट का रेसियो 90 प्रतिशत रहा है। सिंहदेव ने कहा ऐसा नहीं है कि कांग्रेस कुछ काम नहीं की, लेकिन कुछ कमी रही होगी जिसे जनता स्वीकार नहीं की और उनमें बदलाव की भावना रही होगी। उन्होंने कांग्रेस की हार को अप्रत्याशित इंगित करते हुए कहा एक्जिट पोल तक नहीं भांप पाया। मीडिया तक ने कांग्रेस को वॉक ओवर दे दिया था, लेकिन सब कुछ उल्टा हो गया। उन्होंने कहा परिवर्तन के मूल शक्ति युवा रहते हैं। पीएएसी फाइट का मामला सुर्खियों में रहा। कुछ ऐसे कारणों को उन्होंने बातों ही बातों में इंगित कराया। सिंहदेव ने कहा महिलाओं को वर्ष में दिए जाने वाले 12 हजार रुपये, जिसे भाजपा ने मूल घोषणा पत्र में शामिल किया था, इसका फार्म घर-घर तक पहुंचाया था। इसका प्रभाव पड़ा होगा। हमारी बात त्योहारों के बीच नहीं पहुंच पाई। उन्होंने कहा चुनाव परिणाम सामने आने के बाद निराशा हुई है, फिर भी यह मेरा गृह क्षेत्र है, मेरे परिवार का कार्य क्षेत्र रहा है, लोगों के लिए जो कर सकता हूं, करते रहूंगा।

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