दिव्यांग व शतायु मतदाताओं ने निर्वाचन पदाधिकारियों का जताया आभार

अंबिकापुर। भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के निर्देशों के अनुरूप जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा होम वोटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। दुर्गम रास्तों से डाक मत पत्र लेकर मतदाताओं तक पहुंचे मतदान दलों ने उनका अनुभव जाना। इस पर मतदाताओं ने उत्साह जाहिर करते हुए दी गई सुविधा को सराहा। उन्होंने कहा पहले असमर्थता के कारण मतदान केंद्र तक जाकर वोट डालने के लिए सोचना पड़ता था। इस सुविधा से उन्हें अपने मताधिकार का उपयोग करने में आसानी हुई है।

बता दें कि सरगुजा जिले में आज नौ नवंबर से होम वोटिंग शुरू हो चुकी है। भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार दिव्यांग एवं वृद्धजनों को घर जाकर वोटिंग की सुविधा दी जानी है। इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर सरगुजा कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में समस्त तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं। मतदान दल 80 प्लस आयु एवं दिव्यांग मतदाताओं के घर पहुंच कर डाक मतपत्र से मतदान संपन्न करा रहे हैं।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार बनाई गई इस व्यवस्था को लेकर दिव्यांग मतदाता पर्री निवासी धर्मेंद्र राज ने बेहद खुशी जताई। उन्होंने कहा घर में मतदान की सुविधा मिलने से उनके जैसे दिव्यांग व वृद्धों को मताधिकार का उपयोग करने की सहूलियत मिली है। वे अपने मताधिकार से वंचित नहीं होंगे। होम वोटिंग की सुविधा मिलने से रनपुर खुरदुरी के अमित कुमार राजवाड़े काफी उत्साहित हैं। वे वर्ष 2014 से व्हीलचेयर में है। अमित बताते हैं कि पहले वोट डालने के लिए जाने में काफी दिक्कत होती थी, पर अब निर्वाचन आयोग की ओर से घर पर मतदान की दी गई सुविधा ने इस परेशानी को दूर कर दिया है। शतायु पार कर चुकी जोगीबांध, रामपुर की धूमरी बाई रजवाड़े ने इस बार घर में पहुंचे मतदान दलों की मौजूदगी में अपना वोट दिया। उन्होंने भी इस व्यवस्था को सराहा। चलने-फिरने में असमर्थ मोमिनपुरा के 85 वर्षीय बुजुर्ग कुदरत अली खान ने अपने पुत्र मुसर्रत अली के सहयोग से मतदान किया। अस्थि बाधित दिव्यांग पंकज गुप्ता 48 वर्ष ने होम वोटिंग की सुविधा के लिए भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को धन्यवाद दिया।

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