सीतापुर विस के नकना पंचायत में पहाड़ीपारा के ग्रामीण सड़क, पानी, बिजली से महरूम

अंबिकापुर। सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत नकना में पहाड़ पर बसे पहाड़ी कोरवा आज भी उपेक्षा का शिकार हैं। लगभग 30 पहाड़ी कोरवाओं का परिवार पहाड़ पर बसा है। यहां न तो सड़क है और न ही बिजली-पानी। आधुनिक युग में यहां के पहाड़ी कोरवा विकास से कोसों दूर हैं। यहां के लोग आज भी ढोढ़ी का पानी पीने को मजबूर हैं। विकास से कोसों दूर पहाड़ी कोरवा परिवार मंगलवार को कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे और अपनी समस्याओं से अवगत कराए। पहाड़ पर बसे पहाड़ीपारा के लोग सरकार से विकास की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। आज भी पगडंडी के रास्ते से इनका आना-जाना होता है। गांव में मोटरसाइकिल तक से जाना मुश्किल है। गांव के सरपंच का कहना है सड़क नहीं होने से विकास कार्य नहीं हो पा रहा है। अगर गांव में सड़क बन जाए तो विकास का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। सड़क के अभाव में विद्युतीकरण भी नहीं हो रहा है और न ही बोरवेल की सुविधा इन्हें मिल पा रही है। इसलिए अंधेरे में ये जीवन यापन करने मजबूर हैं। मिट्टी तेल इतना महंगा है कि इनके लिए खरीदना मुनासिब नहीं है। मिट्टीतेल की बिक्री नहीं होने के कारण सोसायटी में भी इसकी उपलब्धता नहीं रहती है। बारिश के दिनों में इन्हें ज्यादा परेशानी होती है। मंगलवार को ग्रामीणों ने कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंचकर सोलर लाइट की मांग की, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके। सरपंच ने बताया कि पूर्व में सोलर लाइट के लिए पंचायत द्वारा प्रस्ताव बनाकर क्रेडा में आवेदन दिया गया है, इसके बावजूद लाइट की सुविधा गांव के लोगों को नहीं मिल पाई है। कलेक्टर से फरियाद करने पहुंचे ग्रामीणों में राम प्रसाद, जगन राम, रामजीवन, अमील साय, रूप साय, नंदल कुमार, सुंंदर कोरवा, एनवा कोरवा, परदेशी कोरवा, श्याम बाई, सुभाष, येजू राम, कमल साय, सोहनी कोरवा सहित अन्य शामिल रहे।

बोरवेल नहीं होने से पी रहे ढोढ़ी का पानी
ग्राम पंचायत नकना के पहाड़ पर बसे 30-35 कोरवा परिवार के लिए पेयजल तक की सुविधा नहीं है। इसके पीछे कारण आवागमन की सुविधा के अभाव में बोरवेल का नहीं हो पाना है। इस गांव में एक भी बोरबेल नहीं है, जो विकास की दौड़ में गांव तक पानी, बिजली की सुविधा का ढोल मारने वालों पर तमाचा है। दूषित पानी पीने से इनकी जीवनचर्या किस हद तक सुरक्षित होगी, यह समझा जा सकता है। बारिश के दिनों में ढोढ़ी का पानी पीने से ये बीमार भी पड़ रहे हैं।

बीमार को सड़क तक लाने करते हैं मशक्कत
ग्राम पंचायत नकना के पहाड़ी कोरवा परिवार सड़क की सुविधा नहीं होने से कोई बीमार पड़ जाए तो उसे या तो घर में ही अपने हाल पर छोड़ देते हैं, ज्यादा हालात बिगड़ने पर पगडंडी से होकर झेलगी या खाट में बीमार को लेकर तीन किलोमीटर का रास्ता तय करते हैं। मुख्य सड़क तक आने के बाद बीमार को एंबुलेंस या अन्य वाहन से अस्पताल ले जाने की सुविधा मिल पाती है।

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