रांची यूनिवर्सिटी में शिक्षा लेने के बाद छत्तीसगढ़ में किया हाईस्कूल की पढ़ाई, सर्टिफिकेट का सत्यापन की प्लेसमेंट एजेंसी

गिरजा ठाकुर

अंबिकापुर। शासकीय अंग्रेजी शराब दुकानों में मनमाना तरीके से कर्मचारियों की नियुक्ति का मामला आए दिन सामने आ रहा है, लेकिन जिम्मेदारों के कानों में जूं तक नहीं रेंगी है। शहर में संचालित शराब दुकानों में शासन के नियमों के विपरीत लोगों की नियुक्ति की गई है। यही नहीं इनके द्वारा पेश किए गए शैक्षणिक दस्तावेजों का निरीक्षण मनमाफिक तरीके से करके इन्हें प्रश्रय देने का काम किया गया है, जिससे स्थानीय बेरोजगारों को काम करने का अवसर नहीं मिला। विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि यहां ऐसे कर्मचारी काम कर रहे हैं, जो काली सूची में तो डाले ही गए हैं, रांची से कथित रूप से यूनिवर्सिटी की शिक्षा हासिल करने के बाद छत्तीसगढ़ में हाईस्कूल की परीक्षा पास करने का कारनामा भी इन्होंने कर दिखाया है। तिकड़म में माहिर इन कर्मचारियों के द्वारा शहर में मिलावटी शराब के साथ ही लोगों की सेहत के साथ किस प्रकार खिलवाड़ किया जा रहा है, यह कई बार शराब की शीशियों में फंगस, कीड़े के रूप में सामने आ चुका है। स्वयं आबकारी अमले की बाहरी टीम के औचक दबिश में मिलावटी शराब के गोरखधंधा का पर्दाफास हुआ था, इसके बाद भी जिम्मेदार कर्मचारियों को दुकान का दारोमदार सौंपने के लिए नहीं दिया गया। वर्तमान में यहां ऐसे कर्मचारी पदस्थ हैं, जो पूर्व से सुर्खियों में रहे। इन्हें बकायदा ब्लैकलिस्टेड किया गया है। इसके बाद अंबिकापुर के शासकीय अंग्रेजी शराब दुकान में इन्हें कैसे प्रश्रय मिला, यह जांच का विषय है।

रंजय कुमार सिंह को डाला गया था काली सूची में
मदिरा दुकानों के ब्लैकलिस्टेड सूची में रायपुर जिला के पंडरी में स्थित शासकीय शराब दुकान के सेल्समैन रंजय कुमार सिंह को डाला गया था। इसके बाद इन्हें अंबिकापुर के गाड़ाघाट में स्थित अंग्रेजी शराब दुकान में पांव पसारकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने का मौका दे दिया गया। जब यह मामला सुर्खियों में आने लगा और छत्तीसगढ़ फ्रंटलाइन ने सूत्रों से तहकीकात शुरू की तो जनाब काली सूची से कैसे बाहर आएं इसकी जुगत में लग गए।

प्लेसमेंट एजेंसी ने सरकार की मंशा पर पानी फेरा
छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार की धारा से जोड़ने के लिए शराब दुकान में सेल्समैन का काम करने का अवसर दिया, जो इनके प्लेसमेंट का काम करने वाली एजेंसी के कर्ताधर्ता की मनमानी का भेंट चढ़ गया। यहां के बेरोजगारों की जगह शराब दुकान में सेल्समैन का काम करने वाले दिगर राज्यों के हैं। बता दें कि गाड़ाघाट शराब दुकान कई बार मिलावटी शराब बिक्री और फंगस, कीड़ा युक्त शराब की शीशियों के मिलने के कारण सुर्खियों में आया है।

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