अंबिकापुर। सीतापुर पुलिस व सायबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई है और हत्यारोपी पूर्व प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया है। आरोपी तक पहुंचने में तकनीकी जानकारी कारगर साबित हुई। अन्य युवकों से बात करने पर प्रेमी ने नाराज होकर हत्या कारित करना स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन एवं मृतिका का मोबाइल पुलिस ने बरामद कर लिया है। सीतापुर थाना क्षेत्र के मुड़ापारा निवासी प्रमोद नागवंशी पिता जनकराम नागवंशी 24 वर्ष ने बीते 21 जून को सीतापुर पुलिस को सूचना दी कि 19 जून की शाम सात बजे उसकी पत्नी बिहानी नागवंशी घर से शौच करने के लिए बाहर निकली थी, जो देर रात तक घर वापस नहीं आई। स्वजनों के साथ उसने पत्नी बिहानी नागवंशी की खोजबीन की लेकिन उसका पता नहीं चला। 21 जून को गांव में बन रहे नए नहर के पास बिहानी का शव मिलने की सुचना मिली, जिस पर वे नहर के पास पहुंचे। यहां उसकी पत्नी का शव अचेत अवस्था में पड़ा था।

प्रथम दृष्टया अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या का मामला प्रतीत होने पर मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें चिकित्सक ने हत्यात्मक प्रवृत्ति का मामला होना बताया। इसके बाद पुलिस अज्ञात आरोपी के विरुद्ध सदर धारा में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में ली थी। हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज राम गोपाल गर्ग व प्रभारी पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के निर्देशन में अज्ञात आरोपी की तलाश के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सीतापुर ध्रुवेश जायसवाल के नेतृत्व में थाना प्रभारी सीतापुर उपनिरीक्षक शिशिर कान्त सिंह एवं पुलिस टीम जांच, विवेचना कर आरोपी के तलाश में जुटी थी।

विवेचना दौरान पुलिस टीम ने साइबर सेल से मृतिका के मोबाइल नंबर की तकनीकी जानकारी प्राप्त की, जिसमें एक व्यक्ति से लगातार संपर्क होना पाया गया। संदेह के आधार पर पुलिस बाबूलाल उर्फ प्रकाश बड़ा पिता सोमार साय 35 वर्ष निवासी मंगारी जूनापारा को पकड़कर पूछताछ की तो संदेही ने बताया मृतिका से डेढ़ वर्ष पूर्व से उसका जान-पहचान था। मृतिका से प्रेम संबंध होने की उसने जानकारी दी। आरोपी से मृतिका शादी के बाद भी फोन में बातचीत व मिलना-जुलना करती थी।

आरोपी इसी बीच अन्य युवकों से बातचीत को लेकर नाराज था। कार्रवाई में थाना प्रभारी सीतापुर उप निरीक्षक शिशिरकान्त सिंह के साथ प्रधान आरक्षक नंद कुमार प्रजापति, आरक्षक अशोक यादव, पंकज देवांगन, अभिषेक राठौर, संजय एक्का शामिल रहे। हत्या के बाद जिंदा बचने के डर से फिनायल पिलाया घटना दिनांक 19 जून को मृतिका बिहानी आरोपी बाबूलाल से मिलने नहर के पास पहुंची। यहां आरोपी ने अन्य युवकों से मोबाइल पर बात करने की बात को लेकर आवेश में आकर मृतिका के गला दबाकर हत्या कर दिया। जिंदा बच जाने के डर से वह अपने पास रखे फिनायल को मृतिका को पिला दिया। मृतिका की हत्या के पश्चात आरोपी नहर से छिपते हुए अपने दोपहिया वाहन से फरार हो गया। अपराध की स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। आरोपी के कब्जे से मृतिका का मोबाइल एवं घटना में प्रयुक्त दुपहिया वाहन भी बरामद किया गया हैं।

 

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