महिलाओं में हार्मोंस की गड़बड़ी काफी सारी समस्याओं को जन्म देती है। जिसमे सबसे ज्यादा असर उनकी प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। लेकिन साथ ही थायराइड., मोटापा, फेशियल हेयर जैसी परेशानियां पैदा हो जाती है। यहां तक कि हार्मोनल इंबैलेंस मेंटल हेल्थ पर भी बुरा असर डालता है। ऐसे में जरूरी है कि लाइफस्टाइल और फूड में कुछ बदलाव करने के साथ इसे सही किया जाए। लेकिन कई बार इस हार्मोनल इंबैलेंस की समस्या को ठीक होने में समय लगता है। जिसका कारण है रोजमर्रा की लाइफ में की जाने वाली ये गड़बड़ियां। जिसकी वजह से हार्मोंस का लेवल सही नहीं होता। तो चलिए जानें कौन सी हैं वो आदतें जो हार्मोनल लेवल को बैलेंस नहीं होने देतीं।

हार्मोनल बर्थ कंट्रोल पिल्स
बहुत सारी महिलाएं सिंथेटिक हार्मोंस बर्थ कंट्रोल्स दवाओं को खाती हैं। जिसकी वजह से उनके शरीर में हार्मोंस का स्त्राव ठीक तरीके से नहीं हो पाता और इंबैलेंस बना रहता है। जिसके कई सारे नुकसान भी बॉडी पर देखने को मिलते हैं।

दवाओं का सहारा
बहुत सारे महिलाएं जिन्हें डॉक्टर हार्मोनल इंबैलेंस की समस्याओं के बारे में बताते हैं तो वो केवल दवाओं पर ही डिपेंड रहती हैं। जबकि हार्मोन की गड़बड़ी का सीधा संबंध लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतों से हैं। केवल दवाओं के सहारे इसे सही नहीं किया जा सकता है। सही लाइफस्टाइल और खानपान में हेल्दी बदलाव के साथ दवाओं को खाने से ही हार्मोनल इंबैलेंस की प्रॉब्लम ठीक की जा सकती है।

सही इलाज ना मिलना
कई बार लक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है। लेकिन उन लक्षणों के मुख्य कारण का पता नहीं किया जाता। जिसकी वजह से हार्मोंस का लेवल बिगड़ा हुआ ही रहता है।

जल्दीबाजी
हर किसी की बॉडी अलग होती है और अलग तरह से रिस्पांड करती है। कुछ लोगों की हार्मोनल इंबैलेंस की समस्या जल्दी ठीक हो जाती है। वहीं कुछ पेशेंट के ट्रीटमेंट में टाइम लगता है। ऐसे में जल्दबाजी ना करें और कुछ हफ्तों का इंतजार करें।

स्ट्रेस लेवल को ना मैनेज करना
जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस हार्मोंस का स्तर बिगाड़ देता है। इसलिए तनाव को मैनेज करना जरूरी है। कार्टिसोल का ज्यादा प्रोडक्शन प्रोजेस्ट्रॉन के लेवल को कम कर देता है। जिसकी वजह से हार्मोनल इंबैलेंस की समस्या परेशान करती है। इसलिए स्ट्रेस लेवल को जरूर मेंटेन करें।

गट हेल्थ को अनदेखा करना
गट हेल्थ का सीधा संबंध हार्मोंस से होता है। इसलिए आंतों की सेहत और डाइजेस्टिव सिस्टम को इग्नोर करने की गलती ना करें।

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