छत्तीसगढ़ फ्रंटलाइन ने लिबरा वॉटर फॉल में बनने वाली परिस्थिति से कराया था आगाह

 

गिरजा ठाकुर

अंबिकापुर। सरगुजा जिले में असुरक्षित बांध, सरोवरों की ओर ध्यान नहीं देने से लोगों की जान जा रही है, लेकिन इस ओर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध की पहल नहीं की जा रही है। बुधवार को ऐसे ही वॉटर फाल में पैर फिसलने से गिरी अंबिकापुर की एक किशोरी की मौत हो गई। इसी वॉटर फाल में कुछ लड़कों के द्वारा जलक्रीड़ा के दौरान जमकर मारपीट और हुल्लड़बाजी का वीडियो वायरल होते सामने आया है, जिसकी जांच में पुलिस लगी है। ऐसे में समझा जा सकता है ऐसे स्थल कभी भी बड़ी घटना के कारक बन सकते हैं। छत्तीसगढ़ फ्रंटलाइन ने बीते 09 जून को लिबरा वॉटर फॉल में बनने वाली परिस्थिति और संभावित खतरे की ओर ध्यानाकर्षण कराया था। पांच दिन के अंतराल में ही ऐसी घटनाएं सामने आ गई।
जानकारी के मुताबिक अंबिकापुर के नमनाकला मोहल्ले की अंजली बखला पिता बबलू बखला 18 वर्ष बुधवार को लिबरा वॉटर फाल में नहाने के लिए गई थी। इसी दौरान पैर फिसलने के कारण वह नियंत्रण खो बैठी और वॉटर फाल में गिरने से अचेत हो गई। किशोरी को अपरान्ह 3.30 बजे मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में लाया गया, यहां इलाज के दौरान वह दम तोड़ दी। इधर घटना की जानकारी मिलने पर स्वजन अस्पताल पहुंचे, किशोरी के शव को सामने देख उनका करूण क्रंदन फूट पड़ा। पुलिस ने किशोरी के शव को अस्पताल के मर्चुरी में रखवाया है। बता दें कि आए दिन तालाब, बांध में नहाने के लिए जाने वाले लोगों की डूबने से मौत जैसी खबरें सुर्खियां बनती हैं, फिर भी एहतियात बरतने किसी प्रकार की बेहतर पहल नहीं किए जाने से ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। खतरे का आभास कराते बांध, तालाब, नदियों में लोगों का जलक्रीड़ा रुकने का नाम ले रहा है। भीषण गर्मी के मौसम में अधिकांश युवा और किशोर उम्र के लड़के-लड़कियां बांध, तालाब की ओर रूख करते हैं। गर्मी से राहत पाने की उम्मीद भारी पड़ जाती है। बड़ी घटनाओं के सामने आने के बाद एहतियात, सुरक्षा के प्रबंध जैसी बातें जरूर होती हैं, फिर सब कुछ पुराने ढर्रे पर चलने लगता है।
खतरे की परवाह किए बगैर वॉटर फॉल के बीच मारपीट
वीडियो वायरल होने के साथ मामला पुलिस तक पहुंचा
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इसी लिबरा बांध में काफी संख्या में जलक्रीड़ा कर रहे लड़कों के बीच जबरदस्त मारपीट का एक वीडियो वायरल हुआ है। नहाते वक्त वॉटर फाल के अंदर खतरे की परवाह किए बिना जिस प्रकार मारपीट की घटना को अंजाम देने में ये लड़के लगे हैं, वह किसी बड़ी घटना के साथ ही खतरे का पूर्वाभास करा रहा है। पानी के बीच मची धमाचौकड़ी कभी भी भारी पड़ सकती है। हालांकि कोतवाली पुलिस तक मामला पहुंचने के बाद कुछ नाबालिगों को चिन्हांकित कर विधि सम्मत कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। आगे ऐसे हालात न बनने पाएं, इसे देखते हुए वॉटर फाल क्षेत्र में पुलिस गश्त व गोताखोरों के मौजूदगी की जरूरत भी महसूस की जा रही है।
15 किमी के फासले पर हैं लिबरा वाटर फॉल
अंबिकापुर से 15 किलोमीटर के फासले पर लिबरा बांध है, यहां ऊंचाई से गिरता झरना काफी आकर्षक लगता है। यहां काफी संख्या में युवक-युवतियों का जलक्रीड़ा और मौज-मस्ती के लिए आना होने लगा है। अंबिकापुर ही नहीं कई अन्य क्षेत्रों से वॉटर फाल का आनंद लेने के लिए लोग पहुंचते हैं। असुरक्षित तरीके से स्टंट करते युवा छलांग लगाते हैं, जो देखने में ही खतरनाक प्रतीत होता है। यहां ऐसा कोई चेतावनी बोर्ड भी नहीं है, जो खतरे का आभास कराए। ऐसे में बड़ी जनहानि रोकने सुरक्षा प्रबंधन को लेकर पहल जरूरी है, ताकि जलसमाधि जैसी स्थिति न बने।

 

पुलिस अधीक्षक का कहना है

कोतवाली थाना क्षेत्र के वॉटर फाल में नाबालिग बच्चे और उनके माता-पिता सहित कई लोग घूमने जाते हैं। यहां नहाने के दौरान वीडियो में आपस में कहासुनी, बहस करते बच्चे लोग दिख रहे हैं। इसकी सूचना कोतवाली में आई है। बच्चों के मां-बाप के माध्यम से नाबालिग संबंधी नियमों का पालन करते हुए इसकी जांच की जा रही है। यदि किसी के द्वारा कानून का उल्लंघन किया गया है तो नियमसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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