रामानुजगंज (विकाश कुमार केशरी) – छत्तीसगढ़ एवं झारखंड को विभाजित करने वाली अंतर्राज्यीय पुल पर आज पैदल आने-जाने वालों पर प्रशासन द्वारा रोक लगाने के बाद छत्तीसगढ़ एवं झारखंड दोनों ओर जाम की स्थिति निर्मित हो गई वाहनों की लंबी कतारें लग गई जिसके बाद पुलिस ने स्थिति संभालते हुए आवागमन सामान्य किया ।

गौरतलब है कि झारखंड के भंडरिया रंका व गोदरमाना सहित अन्य गांव में कार्यरत शासकीय कर्मचारी रामानुजगंज में किराए के मकान में निवास करते हैं एवं प्रतिदिन आना-जाना करते हैं वही गोदरमाना एवं आसपास के सैकड़ों लोग ऐसे हैं जो रहते गोदरमान में है परंतु व्यापार करने प्रतिदिन रामानुजगंज आते हैं। साथ ही ग्राम गोदरमाना एवं आसपास के अन्य गांव के लोग दवाई एवं अन्य खरीददारी के लिए रामानुजगंज पर निर्भर हैं। ऐसे में दोनों प्रदेश के ऐसे लोगो की बड़ी संख्या हैं जिन्हें आना जाना अत्यंत आवश्यक होता है। आज जब तहसीलदार के निर्देश के बाद पुलिस कर्मियों के द्वारा पैदल आने जाने वालों पर भी रोक लगाई गई तो अफरा तफरी का माहौल निर्मित हो गया पुल पर भारी भीड़ जमा हो गई वहीं मौके पर एक हेड कांस्टेबल एवं 1 कांस्टेबल उपस्थित थे जिनके सामने भीड़ संभालना मुश्किल हो रहा था जिसके बाद सूचना पर थाना से अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे तब जा कर स्थिति पर काबू पाया जा सका ।


रामानुजगंज का व्यापार झारखंड पर है निर्भर रामानुजगंज का अधिकांश व्यापार झारखंड से आने वाले ग्राहकों पर निर्भर हैं यदि झारखंड के ग्राहक छत्तीसगढ़ में नहीं आते हैं तो रामानुजगंज के व्यापारियों की दुकानदारी आधी हो जाती है ।


निर्माण कार्य झारखंड के मजदूरों पर निर्भर – रामानुजगंज में होने वाले समस्त निजी एवं शासकीय निर्माण कार्य झारखंड से प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों मजदूरों पर निर्भर है यदि मजदूरों को रामानुजगंज आने जाने नहीं दिया जाएगा तो रामानुजगंज में हो रहे समस्त शासकीय एवं निजी निर्माण कार्य ठप पड़ जाएंगे ।


अधिकांश आबादी दूध के लिए झारखंड पर है निर्भर – रामानुजगंज की बड़ी जनसंख्या प्रतिदिन झारखंड के गोदरमाना सहित आसपास अन्य गांव से आने वाले दूध पर निर्भर है। यदि इन्हें भी रोक दिया जाता है तो बड़ी समस्या उन लोगों के सामने खड़ी हो जाएगी जिनके घरों में छोटे छोटे बच्चे हैं और इनके यहा झारखंड के लोगों के द्वारा दूध दिया जाता है ।

इस संबंध में तहसीलदार भरत कौशिक ने बताया कि दूसरे राज्य से पैदल आने-जाने वाले पर पहले से ही रोक है परंतु पहले जब कन्हर में पानी नहीं था तो लोग चोरी छुपके कन्हर नदी से आना-जाना कर लेते थे परंतु जब से कन्हर में पानी आया तब से अंतरराज्यीय कनहर पुल से आने-जाने का प्रयास कर रहे हैं।

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