चित्रकूट जिला जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की बहू निखत बानो को नियमों के उल्लंघन करने में पकड़े जाने और इस मामले में जेल अधीक्षक समेत 8 कर्मियों के निलंबित होने के बाद रविवार को जांच का काम जारी रहा। डीआईजी जेल ने परिसर में मौजूद अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान लिए।

सीसीटीवी फुटेज खंगाला और रजिस्टर की जांच की। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को विधायक की पत्नी सुबह साढ़े दस बजे के बाद पति से मिलने पहुंची थी। रविवार की सुबह से जेल परिसर के बाहर व अंदर कार्यरत कर्मचारियों के हाव भाव बदले रहे।

सभी आपस में भी बातचीत करने में झिझकते रहे। सुबह नौ बजे ही जांच अधिकारी डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रेय पहुंचे। उन्होंने विधायक अब्बास अंसारी के बैरक और फिर महिला बैरक में बंद उनकी पत्नी निखत बानो के आस पास की सुरक्षा का जायजा लिया।
एक फरवरी से 10 फरवरी तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। सभी रजिस्टर का रिकार्ड जांचा जा रहा है। इसमें अब्बास अंसारी से मिलने आने वालों की सूची बन रही है। उनके मोबाइल नंबर से उनका रिश्ता भी जानने का काम होगा। सीसीटीवी फुटेज से उसके कई बार आने का वीडियो देखा जा रहा है।
निलंबित जेल अधीक्षक व अन्य के लिए बयान
जेल डीआईजी ने जांच के दौरान निलंबित किए गए जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर व जेलर संतोष कुमार के भी कमरे में बयान लिए हैं। उनके सामने ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। जहां भी जो संदेह हुआ उनसे पूछताछ की गई। डीआईजी जेल का कहना है कि अभी जांच जारी है। इसकी जानकारी शासन को दी गई है।
नहीं हो सकी शिफ्टिंग
18 नंवबर 2022 को नैनी जेल से चित्रकूट जेल भेजे गए मनी लॉड्रिंग मामले में फंसे विधायक अब्बास अंसारी की अब चित्रकूट जेल से भी जल्द बदली होगी। जांच में आए डीआईजी जेल ने उनकी जेल बदली की सिफारिश भी की है। इस पर काम चल रहा है। संभावना थी कि रविवार को उन्हें इस जेल से कहीं अन्य जगह भेजा जाएगा, लेकिन अभी यह नहीं हुआ है।
किरायेदार पर कसा शिकंजा
जेल में बंद विधायक की मां व उसका करीब एक साल का बेटा अभी चित्रकूट में लिए गए किराए के कमरे में ही हैं। उन्होंने किसी से भी मिलने से इंकार किया है। उधर शहर के हाइवे किनारे स्थित जिस मकान में विधायक की पत्नी निखत बानो व अन्य लोग रहते थे उसकी पहचान के बाद पुलिस प्रशासन ने पूछताछ के लिए शिकंजा कसा है।
मकान मालिक ने बताया कि उसने एक स्थानीय एक दल के नेता के माध्ययम से आठ हजार रुपये महीने में घर किराये पर दिया था। उसे बताया गया था कि यह लोग बाहरी ठेकेदार हैं। साइड में कभी कभार आने के लिए घर किराये पर लिया है। उसने किसी का आधार कार्ड नहीं लिया था। इसकी पुलिस को भी जानकारी नहीं दी थी।

Categorized in: