बिश्रामपुर- भविष्य निधि (पीएफ) अंशदान पर आयकर कटौती को लेकर कोल इंडिया के डायरेक्टर फाइनेंस द्वारा सीएमपीएफओ कमिश्नर को लिखे गए पत्र के बाद एसईसीएल समेत कोल इंडिया के सहायक कंपनियों में कार्यरत ढाई लाख से अधिक कोयला कामगारों में खलबली मची गई है। इसे लेकर कई जगहों पर इसके विरोध में धरना-प्रदर्शन भी हो चुका है। वहीं आयकर के जानकारों की माने तो उक्त पत्र से कोल कर्मियों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि कोल अधिकारी प्रभावित होंगे। जिनका मूल वेतन और महंगाई भत्ता मिलाकर प्रतिमाह कम से कम एक लाख 75 हजार रुपये होगा, इस दायरे में आएंगे।

सीटू नेता सीएमपीएफओ के ट्रस्टी बोर्ड के मेंबर डीडी रामानंदन का कहना है कि वर्ष 2021-22 में पेश बजट में फाइनेंस बिल पेश किया था। इसमें इस तरह का प्रावधान किया गया था। इसके मुताबिक केंद्र सरकार के आयकर अधिनियम के अनुभाग 10 (11) एवं 10 (12) के अनुसार भविष्य निधि अंशदान पर लगने वाले आयकर की गणना सदस्य के मूल वेतन व महंगाई भत्ता पर काटी गयी पीएफ राशि की जानी है। यदि काटी गयी पीएफ राशि ढाई लाख रुपये अथवा इससे कम है, तो कोई आयकर देय नहीं होग। जानकारों के मुताबिक 31 मार्च 2021 के पूर्व पीएफ अंशदान पर प्राप्त ब्याज आयकर मुक्त होगा, अगर किसी व्यक्ति के पीएफ में वार्षिक अंशदान ढाई लाख से अधिक है, तो जितनी अधिक राशि होगी।

उस पर ही आयकर कटौती होगी। जैसे किसी व्यक्ति का मूल वेतन एवं महंगाई भत्ता मिलाकर एक लाख प्रतिमाह है, तो उस व्यक्ति का पीएफ अंशदान 12 हजार रुपये प्रतिमाह होगा, अर्थात उस व्यक्ति का वार्षिक अंशदान 1.44 लाख होगा, जो ढाई लाख से कम है, तो इस पर कोई आयकर नहीं लगेगा। किसी व्यक्ति का मूल वेतन व महंगाई भत्ता मिलाकर दो लाख रुपये प्रतिमाह है, तो उस व्यक्ति का पीएफ अंशदान 24 हजार रुपये प्रतिमाह अर्थात 2.88 लाख रुपये वार्षिक होगा। जो ढाई लाख रुपये की अधिकतम सीमा से 38 हजार रुपये अधिक है। इस 38 हजार रुपये पीएफ अंशदान पर प्राप्त होने वाले ब्याज पर ही आयकर लगेगा। 38 हजार का 2040 रुपये ब्याज मिलेगा, जिसमें से 1770 आयकर मुक्त राशि होगी। जानकारों के मुताबिक आयकर कटौती के इस आदेश से कोल अधिकारी अधिकारी अधिक प्रभावित होंगे। वहीं ट्रस्टी बोर्ड सदस्य राकेश कुमार ने कहा इस दायरे में उच्च वेतन वाले अधिकारी कर्मचारी ही आयेंगे, पर हम सैद्धांतिक रूप से इसका विरोध करते हैं। 25 जनवरी को होने वाली ट्रस्टी बोर्ड की में इस मामले को उठायेंगे।

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