कोरोनाकाल में कोविड वार्ड बनाने फाल्स सीलिंग लगा किया गया था चकाचक

गिरजा ठाकुर
अंबिकापुर। कोरोनाकाल में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सर्जिकल वार्ड से लेकर जेल वार्ड तक भारी-भरकम राशि व्यय कर यहां की सूरत बदलने की कोशिश की गई थी, फाल्स सीलिंग लगाकर वार्ड से लेकर गैलरी तक को चकाचक किया गया था। बारिश में फाल्स सीलिंग सीपेज से किसी काम का नहीं रहा, वहीं पानी की नमी से पुरूष सर्जिकल वार्ड के बाहर की गैलरी के छत का प्लास्टर भरभराकर गिर रहा है। शुक्रवार को अलसुबहअचानक छत का प्लास्टर गिरने की आवाज सुनकर वार्ड के अंदर भर्ती मरीजों के स्वजन निकले तो छत से प्लास्टर का बड़ा टुकड़ा गिरकर जमीन पर बिखर गया था, वहीं कई कमजोर हिस्से जब-तब गिरने की स्थिति में थे। इसकी जानकारी अस्पताल के जिम्मेदारों को मिली और असुरक्षित तरीके से छत से चिपके कमजोर प्लास्टर के हिस्से को नीचे गिराया गया। गनीमत थी कि उस समय वहां कोई भी मौजूद नहीं था, नहीं तो लोग जख्मी हो सकते थे।


मेडिकल कॉलेज अस्पताल का भवन काफी पुराना है। भवन की दीवारें भले मजबूत हों लेकिन छत जर्जर हो चुकी है। अस्पताल भवन के कई हिस्सों को लोक निर्माण विभाग ने डिस्मेंटल करने का भी संकेत दिया है। बावजूद भवन को जरूरत के अनुसार मरम्मत करा उपयोग में लिया जा रहा है। ऐसे ही एक हिस्से में हमर लैब का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
अस्पताल के पुराने भवन में बारिश के मौके पर पानी टपकता है, जिस कारण छत के प्लास्टर तो गिरते हैं। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक चिकित्सा महाविद्यालय के नाम ज्ञापन सौंपा है। इनके द्वारा पुराने भवन की छत को तत्काल ठीक कराने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अंकुर सिन्हा, सुरेश राम बुनकर, संजय कुमार ठाकुर, बसंत गिरी, अनिता पैकरा शामिल रहे।

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