नदारद मिले 17 अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई व लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश

अंबिकापुर। कलेक्टर कुन्दन कुमार सोमवार को अंबिकापुर के लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता कार्यालय सहित विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किए। कलेक्टर प्रात: 10:30 बजे लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता के कार्यालय पहुंचे। कार्यालय में 3-4 कर्मचारी के अलावा कोई अधिकारी नहीं पहुंचे थे। इसी प्रकार परिसर में ही स्थित अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता कार्यालय में भी अधिकारी उपस्थित नहीं थे। तीनों कार्यालय के नियमित व दैनिक वेतन भोगी सहित करीब 17 कर्मचारी अनुपस्थित थे। अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय से 6, कार्यपालन अभियंता कार्यालय से 3, अधीक्षण अभियंता कार्यालय से 7 तथा मुख्य अभियंता कार्यालय से एक कर्मचारी नदारद मिले। उन्होंने इन अधिकारी-कर्मचारियों के अनुपस्थित अवधि का वेतन कटौती करने तथा लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। कार्यालय में साफ-सफाई नहीं होने पर कर्मचारियों को कार्यालय को स्वच्छ रखने व समय पर कार्यालय आने की हिदायत दी। कलेक्टर ने संभागीय सामग्री प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया और उपस्थित कर्मचारियों से परीक्षण के बारे में पूछताछ की। उन्होंने जिले में हुए विभिन्न निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री के परीक्षण में पाई गई कमियों तथा उस पर की गई करवाई की भी जानकारी ली। कलेक्टर ने कलेक्टोरेट परिसर स्थित ई-लोक सेवा केंद्र का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारी को पारदर्शितापूर्ण सेवा उपलब्ध कराने निर्देशित किया। इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ विश्वदीप, अपर कलेक्टर एएल ध्रुव भी मौजूद थे।
कर्मचारियों के संलग्नीकरण आदेश की जांच के निर्देश
कलेक्टर पटेलपारा स्थित विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का भी निरीक्षण किए। कार्यालय में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। उन्होंने शिक्षकों के व्यक्तिगत फाइल में प्रविष्टि व सत्यापन के लंबित कार्य को पूर्ण करने के साथ दस्तावेजों को व्यवस्थित करने तथा साफ-सफाई पर ध्यान देने के निर्देश दिए। कार्यालय में कई कर्मचारियों के संलग्न होने पर जिला शिक्षा अधिकारी व विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किए गए संलग्नीकरण आदेश की जांच करने के निर्देश अपर कलेक्टर को दिए।

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