ईडी की कार्रवाई: अंबिकापुर में अनिल सिंह मेजर, बलरामपुर में अनुराग सिंह देव ने की पत्रकारों से चर्चा

अंबिकापुर/बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में ईडी की कार्रवाई ने बड़े भ्रष्टाचार के रैकेट की पोल खोली है। हम सब ने कभी सोचा भी नहीं था कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के शासन में प्रदेश के आदिवासियों, किसानों, आम जनता के मेहनत का पैसा, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जाएगा। एक तरफ सरकारी योजनाओं, कर्मचारियों के लिए सरकार के पास पैसे नहीं है, दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में सरकारी संरक्षण में भ्रष्टाचार ने अपनी सारी सीमाएं लांघ दी है। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास के लिए एक काला अध्याय है। नैतिकता के नाते प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उक्त बातें छत्तीसगढ़ में ईडी के छापों के बाद ईडी द्वारा जारी प्रेस नोट का हवाला देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल सिंह मेजर ने भाजपा कार्यालय, संकल्प भवन में व भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंह देव ने बलरामपुर के विश्रामगृह में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।
उन्होंने आगे कहा दुर्भाग्य का विषय है कि कांग्रेस के शासन में भ्रष्टाचार के लिए पूरा रैकेट बनाया गया है जिसमें वरिष्ठ नौकरशाह, व्यापारी, राजनेता और बिचौलिए जुड़े हंै। छत्तीसगढ़ राज्य में परिवहन किए गए प्रत्येक टन कोयले से 25 रुपये प्रति टन की अवैध वसूली की जा रही है। प्रतिदिन दो से तीन करोड़ रुपये जबरन वसूले जा रहे हंै। हजारों करोड़ रुपये की वसूली कर गलत कृत्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है। ईडी ने करीब 45 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी, सोने के आभूषण, सर्राफा और करीब दो करोड़ रुपये मूल्य का कीमती सामान जब्त किया है। जिन अधिकारियों की शिकायत को आधार बनाकर ईडी कार्रवाई की हैं, उनके घर 47 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी और चार किलो के स्वर्ण आभूषण मिले हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और सरकार को बताना चाहिए अधिकारियों के पास इतने पैसे और सोना मिलने पर उन्हें आश्चर्य क्यों नहीं हुआ। अंबिकापुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान भाजपा के जिला अध्यक्ष ललन प्रताप सिंह, निगम में नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज, त्रिलोक कपूर कुशवाहा, पार्षद आलोक दुबे, अभिमन्यु गुप्ता, संतोष दास, रूपेश दुबे सहित अन्य उपस्थित थे।
भ्रष्टाचार करने बदल डाले नियम
मेजर अनिल सिंह ने कहा प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने भ्रष्टाचार करने के लिए बकायदा नियम बदला। कोयले को खदानों से उपयोगकर्ताओं तक मैनुअल जारी करने के लिए ई-परमिट की पूर्व ऑनलाइन प्रक्रिया को संशोधित किया गया। अनापत्ति प्रमाण-पत्र, इस संबंध में कोई एसओपी या प्रक्रिया परिचालित नहीं की गई थी। भ्रष्टाचार किस प्रकार से, किस प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है इसकी विस्तार से जानकारी ईडी ने अपने प्रेस नोट में दी है।
30 हजार से अधिक एनओसी जारी
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने बताया 15 जुलाई तक बिना किसी एसओपी के 30 हजार से अधिक एनओसी जारी किए गए हैं। आवक और जावक रजिस्टरों का रख-रखाव नहीं किया गया था। अधिकारियों की भूमिका पर कोई स्पष्टता नहीं है। ट्रांसपोर्टर का नाम, कंपनी का नाम आदि जैसे कई विवरण खाली छोड़ दिए गए हैं। तलाशी एवं जांच के दौरान लक्ष्मीकांत तिवारी के पास से 1.5 करोड़ रुपये नकद बरामद किया गया। उसने स्वीकार किया है कि वह रोजाना एक-दो करोड़ की जबरन वसूली करता था।
भाजपा ने कांग्रेस सरकार से किया सवाल
0 ईडी के प्रेस नोट में विस्तार से भ्रष्टाचार की प्रक्रिया जब्त की गई बेहिसाब राशि, आभूषण, नकदी की जानकारी आने के बाद मुख्यमंत्री इस्तीफा देंगे ?
0 भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई में बाधा बनने के लिए क्या मुख्यमंत्री जनता से माफी मांगेंगे?
0 क्या कांग्रेस सरकार अब यह बताएगी कि अधिकारियों, राजनेताओं, व्यापारियों का यह भ्रष्टाचार रैकेट 10 जनपथ दिल्ली में कितने रुपये पहुंचा रहा है?
0 अधिकारियों के घर से नकदी, आभूषण और अनेक बेहिसाब चीजें मिलने के बाद भी अब तक उन पर निलंबन की कार्रवाई क्यों नहीं हुई है?
0 जो लोग सरकारी पदों पर या सरकार द्वारा मनोनीत हैं और जिन पर कार्रवाई हुई है, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया क्यों नहीं गया?

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