अंबिकापुर। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुंदन कुमार द्वारा संशोधित आदेश जारी कर बंदियों की मृत्यु की दाण्डिक जांच हेतु संयुक्त कलेक्टर टीसी अग्रवाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने जांच अधिकारी को निर्देशित किया है कि मृत विचाराधीन बंदियों के जेल प्रवेश के समय स्वास्थ्य की क्या स्थिति थी, बंदी कब बीमार हुआ तथा उसे ईलाज हेतु जिला चिकित्सालय अंबिकापुर कब भेजा गया, क्या बंदी अचानक बीमार हुआ और उसकी मृत्यु हो गई, उपचार के समय उन्हें कौन-कौन सी औषधियां दी गई। बंदी के उपचार के समय यदि कोई लापरवाही बरती गई है तो लापरवाही के लिए दोषी अधिकारी अथवा कर्मचारी कौन-कौन हैं? बंदी के साथ कोई अमानुषिक कृत्य तो नहीं किया गया है, जिससे बंदी की मृत्यु हुई हो। क्या बंदी को शारीरिक या मानसिक यातना दी गई है? यदि ऐसा हुआ हो तो दोषी अधिकारी या कर्मचारी कौन-कौन हैं? उपरोक्त बिंदुओं के संबंध में एक माह में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय जेल अंबिकापुर में जिले के फुंदुरडिहारी निवासी विचाराधीन बंदी उत्तम व्यापारी पिता मनोरंजन व्यापारी, थाना बतौली के बंदी प्रकाश मिंज पिता विराज मिंज तथा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के थाना कुसमी के ग्राम सुरबेना निवासी बखरू राम पिता जयराम उरांव तथा सजा काट रहे थे। अस्वस्थता के कारण जेल चिकित्सक के परामर्श पर उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर भेजा गया था, जहां उपचार के दौरान बंदियों की मृत्यु हो गई।

Categorized in: