अंबिकापुर। हसदेव क्षेत्र में एक दशक से अधिक समय से चल रहे पेड़ कटाई और पेड़ लगाई विवाद में सर्वाधिक नुकसान भावी पीढिय़ों को हुआ। स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और नीचे चली गई। नंगे पांव सत्याग्रह का सरोकार क्षेत्र में पढ़ाई, कमाई और दवाई से है। इन तीनों मुद्दों को सामाजिक, राजनैतिक व आर्थिक (कार्पोरेट) नेतृत्व द्वारा नजरअंदाज किया जाना अफसोस जनक है। उक्त बातें नंगे पांव सत्याग्रह के राजेश सिंह सिसोदिया ने सरगुजा प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि हमारा सरोकार सरगुजा संभाग के हसदेव क्षेत्र में उपरोक्त मुद्दों को लेकर नया है। हमने वर्ष 2012-13 में धोखाधड़ी से पीडि़त केते परसा निवासी भज्जू राम गोंड का मुद्दा दमदारी से लड़ा था और दोषी जेल दाखिल हुआ। यहां ऐसे भज्जू राम अनेकों होंगे, लेकिन दुर्भाग्यवश ज्यादातर दोषी प्रभावशाली लोग रहे, इसलिए किसी का ध्यान ऐसी घटनाओं पर नहीं गया। उन्होंने कहा आगामी तीन वर्षों में नंगे पांव क्षेत्र से नेतृत्वकर्ता के साथ प्रशासनिक अधिकारी तैयार करेगा। अगर क्षेत्र से नेता तैयार हुए होते तो जंगल कटने की नौबत नहीं बनती। उन्होंने कहा वर्तमान में कांग्रेस-भाजपा, दोनों कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं हैं। इन्हें ग्रामीणों की दु:खती रग से कोई लेना-देना नहीं है। लाठी खाने की बारी आती है तो बड़े-बड़े नेता और इनके हितों की बात करने वाले गायब हो जाते हैं। स्वास्थ्य की सुविधा देने वाला गोली खाने की बात करता है। कुल मिलाकर 12 वर्षों से पेड़ कटाई-पेड़ लगाई का खेल खेलते शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका को हासिए पर लाने का काम किया गया है, जिससे वर्तमान के साथ ही आने वाली पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय है। सिसोदिया ने कहा हरिहरपुर, फतेहपुर, घाटबर्रा, जर्नादनपुर, साल्ही एवं परसा के ग्रामीणों के अधिकार एवं विकास के लिए एक दशक बाद भी काम नहीं हो पाया है। यहां सरकार पहुंच पा रही है, सिर्फ खनन हो रहा है, तो एक तरफ उसका विरोध, जिसे सरगुजिहा में लुकूपुकू का खेल बोलते हैं। यहां के लोगों की बुनियादी समस्याओं व विकास से किसी का सरोकार नहीं रहा। उन्होंने कहा हम जिला प्रशासन छत्तीसगढ़ व नई दिल्ली की सरकारों तक खनन कंपनी (अडानी) से यहां के विकास की लड़ाई की शुरूआत कर रहे हैं। इनका ध्यान क्षेत्र के शैक्षिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक व सांस्कृतिक स्थितियों की तरफ ले जाते हुए विकास की मांग की जाएगी, नहीं तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। पत्रकारों से चर्चा के दौरान राजेश चौरसिया सहित अन्य उपस्थित थे।  
आंदोलन करते समय नेता, जेल जाता है कोर्राम
राजेश सिंह सिसोदिया ने कहा कि राजनैतिक नेतृत्व ने वहां स्थानीय नेता भी पैदा नहीं होने दिया, ले-देकर एक नाम नजर आता है और वो है बालसाय कोर्राम। उन्हें भी बलि का बकरा बनाया जा रहा है। आंदोलन करते समय नेता गण और जेल जाने के लिए कोर्राम। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को छोड़कर सभी राजनैतिक दल पशोपेश की स्थिति में हैं। इसलिए सामाजिक क्षेत्र का दायित्व और बढ़ जाता है और इसीलिए हमें हस्तक्षेप करना पड़ा।
50 प्रतिशत से नीचे साक्षरता दर
सिसोदिया ने बताया कि हालिया जनगणना के मुताबिक गोंड़-कंवर बाहुल्य ग्राम साल्ही में 1315 की जनसंख्या में मात्र 730 लोग साक्षर हैं। घाटबर्रा में 1395 में 642; हरिहरपुर में 298 में 139, जनार्दनपुर में 423 में 200 और फतेहपुर में 469 में 209 लोग साक्षर हैं। इन ग्रामों में साक्षरता की स्थिति जब 50 फीसद से नीचे है तो शिक्षा की स्थिति निश्चित ही सोचनीय होगी। ऐसे में समक्षा जा सकता है कि जिनका वर्तमान दुरूस्त नहीं है, उनका भविष्य क्या होगा।
चर्म रोग, रक्तालप्ता से घिरे ग्रामीण
नंगे पांव सत्याग्रह के सिसोदिया ने कहा कि इस क्षेत्र में स्वास्थ्य की मुख्य समस्याओं में चर्म रोग व रक्ताल्पता है। उदयपुर विकासखंड में अस्पताल की स्थिति देखें तो क्षेत्र में भवन विहीन अस्पतालों की भरमार देखने को मिल जाएगी। मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के भरोसे ग्रामीण हैं। आजीविका मिशन की स्थिति विचित्र व आश्चर्यजनक है, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सिर्फ कागजों में संचालित हो रहा है, कब तक रहेंगे ऐसे हालात।
विकास और शोषण मुक्त हो हसदेव
सिसोदिया ने कहा हमने हमेशा आगे की सोच रखी है। 23 साल पहले जब नंगे पांव हुए थे, उस समय हमारे द्वारा उठाए गए मुद्दे आज की नीतियां हैं। ठीक इसी तरह आज जो मुद्दे उठाए जा रहे हैं, उनका परिणाम हसदेव क्षेत्र का विकास और शोषण मुक्त हसदेव होगा। आने वाले समय में नंगे पांव इसी क्षेत्र से प्रशासनिक अधिकारी व विधायक तैयार होंगे। स्थानीय नेतृत्व मिलने से यहां के लोग अपनी दशा व दिशा खुद तय करेंगे।  

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