जगह-जगह मृत मवेशी मिले, पशु चिकित्सा विभाग करेगा परीक्षण

गिरजा ठाकुर

अंबिकापुर। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत अलका में बाघ के आने से ग्रामीण दहशत में है। बाघ ने ग्रामीणों के पालतू पशुओं पर हमला कर दिया, जिसमें कई पशुओं की मौत हो गई है। इसकी सूचना मिलने पर बलरामपुर जिले के वनमंडलाधिकारी विवेकानंद झा स्थल निरीक्षण के लिए मंगलवार को पहुंचे। उन्होंने आसपास के क्षेत्रों का दौरा किया। घटनास्थल के आसपास बाघ के पंजों का निशान पाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि एक वर्ष पहले भी क्षेत्र में बाघ आया था। घटना के बाद ग्रामीण काफी सहमे हुए हैं। वन्य प्राणी विशेषज्ञ ने मौके का भ्रमण करने के बाद बाघ के द्वारा मवेशियों पर हमला करने की पुष्टि की है। गांव के आसपास जगह-जगह मृत मवेशी मिले हैं।


वन कर्मचारी तैनात, कराई गई मुनादी
एसडीओ वन अनिल कुमार पैकरा ने बताया अलका ग्राम के आसपास बाघ के आने की सूचना मिलने पर कर्मचारियों की मौके पर तैनाती की गई है और वन अमले को गश्त बढ़ाने के लिए कहा गया है। ग्रामीणों को जंगल नहीं जाने एवं सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। ग्रामीण सतर्क रहें, इसके लिए मुनादी भी कराई गई है। वन प्रबंधन समिति के सदस्यों को सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यक समझाइश दी गई है।


पशु मालिकों को मिलेगा मुआवजा
एसडीओ वन ने बताया कि वन विभाग के द्वारा पशु मालिकों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। फिलहाल मृत मवेशियों के परीक्षण के लिए पशु चिकित्सालय वाड्रफनगर को पत्र प्रेषित किया गया है।


वन्य प्राणी विशेषज्ञ का मिला अभिमत
घटनास्थल के पास पंजा का निशान पाया गया है। पानी गिरने के कारण पदचिन्ह स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। पंजा को ट्रेश कर प्लास्टर ऑफ पेरिस से कॉस्टिंग किया गया है। संपूर्ण घटनाक्रम का फोटोग्राफ वन्य प्राणी विशेषज्ञ अंकित जायसवाल अंबिकापुर को उपलब्ध कराया गया है, उनके अभिमत में जंगली जानवर बाघ के द्वारा घटना को अंजाम देना सामने आया है।

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