गिरजा ठाकुर

अंबिकापुर। नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर की सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को काऊ कैचर से निरंतर पकड़कर कांजी हाउस में बंद करने व नीलामी की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि सत्यता यह है कि निगम की कार्रवाई के बाद भी पशुपालकों के कानों में जूं नहीं रेंग रही है। शहर का शायद ही कोई ऐसी मुख्य या मोहल्ले, टोले की सड़क हो, जहां मवेशी विचरण करते नजर न आते हों। इन सबके बीच चंद मवेशियों को कांजी हाऊस लाकर निगम प्रशासन अपनी पीठ थपथपाने का काम कर रहा है।  इसी कड़ी में बिलासपुर रोड व रिंग रोड में घूम रहे 18 आवारा मवेशियों को आठ अगस्त को विशेष अभियान चलाकर कांजी हाउस लाया गया। निगम प्रशासन का कहना है कि यहां से मवेशी को पशु पालकों के द्वारा ले जाने के बाद यदि दोबारा कांजी हाउस में लाया जाता है तो अर्थदंड दोगुना वसूला जाएगा। इन कार्रवाइयों के बीच आम लोगों का कहना है कि लंबे समय से पशु पालकों को दी जा रही चेतावनी बेअसर होने के बाद भी ठोस कार्रवाई की रणनीति नहीं बन पाई है। पूर्व में पदस्थ एक कलेक्टर ने भी सड़क में मवेशियों के विचरण को गंभीरता से लिया था और चेतावनी दी थी कि अगर मवेशी सड़क पर नजर आए तो इसके लिए निगम का अमला भी जिम्मेदार होगा। इसके बाद भी पशु पालकों की मनमानी पर विराम नहीं लग पाया है। ये मवेशी किसी के भी दरवाजे पर जुगाली करते शहर में मिल जाएंगे। शहर के कुछ हिस्से की सड़क तो रात में ऐसे मवेशियों से पटी रहती है। भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर भी मवेशी विचरण करते रहते हैं, जिससे राहगीरों व वाहन चालकों के लिए खतरे की स्थिति बनी रहती है।  अप्रैल माह से अब तक 160 मवशी लाए गए कांजी हाउसवर्ष 2022 में अप्रैल माह से अभी तक कुल 160 आवारा मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस लाया गया है। मवेशी पालकों को चेतावनी दी जा रही है कि कोई भी पशुपालक अपने मवेशियों को सड़क पर विचरण करने के लिए ना छोड़ें। इसकी पुनरावृत्ति होने पर भविष्य में ऐसे लोगों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। हालांकि ऐसी चेतावनी इसके पूर्व भी मवेशियों के धरपकड़ के दौरान दी गई थी। पशु पालक सावधान हों इसलिए निगम की चेतावनी को प्रमुखता से समाचार के माध्यम से सामने लाया गया था लेकिन स्थिति में बदलाव नहीं आ पाया है। ऐसे में पशु पालकों के विरूद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जरूरत आम जन भी महसूस कर रहे हैं।  

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