गिरजा ठाकुर


शहर के चौपाटी, देवीगंज रोड व गुदरी बाजार में चलाया अभियान

अंबिकापुर। शहर को एकांगी मार्ग करने के बाद भी यातायात की समस्या दूर नहीं हुई बल्कि और उलझकर रह गई है। पूर्व में व्यापारियक संगठन कैट की ओर से एकांगी मार्ग होने के बाद आड़े आने वाली समस्याओं की ओर पूर्व में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों का ध्यानाकर्षण कराया था। इसके बाद कोई विशेष पहल तो नहीं हो पाई लेकिन शहर में लगने वाली जाम की स्थिति को देखते हुए नवपदस्थ आइएएस व आइपीएस अधिकारियों ने एक बार पुन: ताकत झोंक दी है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है। अगर अधिकारियों की सोच सफल हुई तो वास्तव में गुदरी बाजार से लेकर चौपाटी तक और देवीगंज रोड सहित मुख्य मार्गों में लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सकती है। देखा जाए तो शहर के इन प्रमुख स्थलों में यातायात की समस्या जटिल है। बेतरतीब तरीके से वाहनों को खड़ा करने से भी ऐसी स्थिति बनती है। वहीं गुदरी बाजार में चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने पूर्व में उठाया गया कदम चंद दिनों में ही लडख़ड़ा गया, जिससे वाहन मालिक बेखौफ होकर वाहनों को बाजार के अंदर तक ले जाते हैं, जिससे जाम की समस्या का सामना सामान्य लोगों को करना पड़ता है।


सरगुजा के नवपदस्थ कलेक्टर कुंदन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सरगुजा भावना गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से अंबिकापुर शहर की यातायात व्यवस्था को जाम मुक्त बनाने की कवायद की जा रही है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है। इसी तारतम्य में कोतवाली के चौपाटी में यातायात व्यवस्था को सुधारने एवं सड़कों को जाम मुक्त बनाने के उद्देश्य से दोपहिया वाहनों को निधारित पार्किंग में एवं लोग वाहनों को पीली पट्टी के अंदर रखें, इसके लिए पहल शुरू की गई है। वाहन मालिकों एवं दुकानदारों को समझाइश दिया गया है कि वे भी एक दायरे में रहकर अपना कारोबार करें, ताकि जाम की स्थिति का आमजनों व बाजार में सब्जी खरीदने के लिए आने वालों को सामना न करना पड़े। ठेला संचालकों को नो वेंडिंग जोन में ठेला नहीं लगाने एवं दुकानदारों को दुकान के बाहर सामान नहीं लगाने की हिदायत दी गई। इस दौरान प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक प्रशांत देवांगन, रक्षित निरीक्षक एवं यातायात प्रभारी जयराम चरमाको, उप निरीक्षक डाकेश्वर सिंह, प्रधान आरक्षक अजय पांडेय, आरक्षक इदरिश खान, रूपेश महंत एवं धीरज सिंह सक्रिय रहे।


इन पर भी नजर-
शहर की यातायात व्यवस्था की बेहतरी के लिए कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक के साझा पहल पर देवीगंज रोड में निकली पुलिस की नजर ऐसे वाहनों पर भी गई जो गलत तरीके से मोडीफाई किया गया साइलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदूषण करने में लगे हैं। ऐसे वाहनों पर कोतवाली पुलिस की पेट्रोलिंग टीम एवं यातायात पुलिस के द्वारा चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने मोबाइल से बात करते हुए वाहन नहीं चलाने की समझाइश लोगों को दी।
मीडिया से मिली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने सोशल मीडिया के माध्यम से मिली शिकायतों में त्वरित कार्रवाई करने एवं शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। चार जुलाई को मनेंद्रगढ़ रोड में स्थित शिक्षण संस्था के पास यातायात समस्या संबंधी शिकायत प्राप्त हुई थी, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में यातायात पुलिस पहुंची और स्कूल प्रबंधन से यातायात व्यवस्था के संबंध में चर्चा की। इस दौरान नाबालिक बच्चों को स्कूल में दोपहिया वाहन नहीं लाने हेतु निर्देशित किया गया। संस्था प्रमुख को परिसर के बाहर वाहन खड़ा नहीं करवाने के निर्देश दिए गए। मुख्य मार्ग में बेतरतीब खड़ी दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। चालानी कार्रवाई का उद्देश्य सड़कों को जाम से मुक्त बनाना एवं आम नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना था। कार्रवाई में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक प्रशांत देवांगन के साथ रक्षित निरीक्षक जयराम चरमाको, निरीक्षक अलरिक लकड़ा, सहायक उपनिरीक्षक संजय तिवारी एवं यातायात पुलिस टीम शामिल रही। भविष्य में भी सड़कों को जाम मुक्त बनाने अभियान चलाया जाएगा।

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