पटना क्षेत्र के लोग पीपरडांड के विद्यालय को बैकुंठपुर ले जाने का कर रहे विरोध

बैकुंठपुर। कोरिया जिले के पटना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पीपरडांड के पूर्व माध्यमिक शाला के यू डाइस का उपयोग करके बैकुंठपुर रामानुज उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खोला जा रहा है। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी भी कर ली गईं हैं और अब विद्यालय में प्रवेश के लिए विज्ञापन भी जारी हो गया है। इससे नाराज़ पटना क्षेत्र के लोग पीपरडांड के विद्यालय को बैकुंठपुर ले जाने का विरोध कर रहे हैं।छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालयों की स्थापना के तहत बैकुंठपुर शहर में पहले से एक आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालित है और अब पटना क्षेत्र के एक पूर्व माध्यमिक शाला को बंद कर बैकुंठपुर शहर में ही एक नए आत्मानंद विद्यालय  की शुरुआत की जा रही है। जिसका पटना क्षेत्र के लोग अब विरोध कर रहें हैं और पटना क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पटना क्षेत्र के विद्यालय को यदि बंद किया जा रहा है। यदि यहां के विद्यालय का यू डाइस उपयोग कर संस्था खोली जा रही है तो यह पटना क्षेत्र में ही खोला जाए। जिससे इस क्षेत्र के ग्रामीण छात्र छात्राओं को इसका लाभ मिल सके।उल्लेखनीय है कि पटना 84 क्षेत्र एक बहुत बड़े आबादी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है और इस क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम से संचालित विद्यालयों का आभाव है। और इसी लिए पटना क्षेत्र के अभिभावक पीपरडांड विद्यालय के यू डाइस से खुल रहे आत्मानंद विद्यालय को बैकुंठपुर में स्थापित किये जाने का विरोध कर रहें हैं।


आखिर क्यों बंद किया जा रहा है पीपरडांड का पूर्व माध्यमिक शाला
ग्राम पीपरडांड के पूर्व माध्यमिक शाला के यू डाइस से नवीन आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालय की स्थापना बैकुंठपुर शहर में की जा रही है।पीपरडांड पूर्व माध्यमिक शाला की दर्ज संख्या चूंकि बहोत कम है इसलिए इस विद्यालय को बंद किया जा रहा है। और इसके यू डाइस का उपयोग नवीन आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के लिए किया जा रहा है।


आखिर क्यों कम हुई पीपरडांड पूर्व माध्यमिक शाला की दर्ज संख्या 
पीपरडांड पूर्व माध्यमिक शाला की दर्ज संख्या क्यों कम हुई? यदि इस बात की पड़ताल की जाए तो एक बात सामने आती है और वह यह कि इस विद्यालय के बंद होने का श्रेय पूरी तरह स्कूल शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को जाता है। विद्यालय में पहले पदस्थ तीन शिक्षकों में से एक शिक्षक को कई वर्षों से शैक्षिक समन्वयक बनाकर रखा गया है। और हाल ही में पदस्थ एक शिक्षक की मृत्यु हो गई है। ऐसे में अब एक शिक्षक के भरोसे विद्यालय होने की वजह से कोई अभिभावक अपने बच्चे को विद्यालय नहीं भेजना चाहते व अन्यत्र अध्ययन हेतु भेजते हैं। शैक्षिक समन्वयक बनाये जाने को लेकर क्या है नियम पीपरडांड पूर्व माध्यमिक शाला के जिस एक शिक्षक को शैक्षिक समन्वयक बनाया गया है जिसके कारण भी विद्यालय की दर्ज संख्या में असर पड़ा है। उसको लेकर जैसा की शैक्षिक समन्वयक बनाने को लेकर नियम हैं उक्त शिक्षक को अन्य संकुल का शैक्षिक समन्वयक बनाया गया है। जबकि नियम यह है कि शैक्षिक समन्वयक पद पर उसी संकुल के शिक्षक को रखा जाना है जिस संकुल में उस शिक्षक की पदस्थापना है।


अब विभाग के आला अधिकारियों ने क्यों अन्य संकुल से ले जाकर अन्य संकुल का शैक्षिक समन्वयक पीपरडांड पूर्व माध्यमिक शाला के शिक्षक को बनाया है यह तो वही बता सकते हैं। लेकिन पीपरडांड पूर्व माध्यमिक शाला के बंद होने कम दर्ज संख्या होने की वजहों में शैक्षिक समन्वयक एक शिक्षक को अन्य संकुल का बनाया जाना भी वजह है जो कि नियम अनुसार गलत है।


बंद हो जाएगा पूर्व माध्यमिक शाला पीपरडांड
पीपरडांड पूर्व माध्यमिक शाला के यू डाइस से अब बैकुंठपुर में नवीन आत्मानंद विद्यालय खोल दिया गया है।  और अब इसके बाद पीपरडांड का पूर्व माध्यमिक शाला बंद हो जाएगा। और यहां अध्ययनरत छात्र छात्राओं को अन्य विद्यालय में दाखिल करा दिया जाएगा।कुल मिलाकर पीपरडांड ग्राम में अब पूर्व माध्यमिक स्तर की शाला नहीं होगी। जिसका खामियाजा ग्राम वासियों के बच्चों को भुगतना होगा। जबकि शिक्षक उपलब्ध कराकर विद्यालय बंद होने से रोका जा सकता था जो विभाग ने नहीं किया।

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