चंचलेश श्रीवास्तव

सूरजपुर। आदर्श सामाजिक व्यवस्था का यह चरमबिन्दु है जब समाज के लोग अपने बीच से अपने प्रेरणाबिंदु ढूंढते है और अपने पैसों व संसाधनों से उनके सम्मान व प्रतिष्ठा की वृद्धि के लिए काम करते है। यह अपने आप मे एक विशिष्ट कार्यक्रम है। हम लोग कई बार यह कोशिश करते है कि समाज के उन लोगो को आगे लाया जाए जो अन्य लोगो के लिए प्रेरणा के बिंदु बन पाए। परंतु प्रशासनिक व्यस्तता के कारण कई बार हम ऐसे लोगो को ढूंढ नहीं पाते और जिसको ढूंढते है उसे लोग कहते है साहब ये ही क्यों। ऐसी स्थिति में प्रेरणाबिंदु हम सब के केंद्रबिंदु नही बन पाते। लेकिन समाज अपने मे से ऐसे लोगो को ढूंढे और हम सबको आमंत्रित करे यह बेहद सुखद संयोग है। उक्त उद्गार कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने नगर के वार्ड क्र तीन मिश्रागली में बयोवृद्ध समाज सेवक व मोहल्ले के स्वच्छतादूत मुरलीधर दुबे के सम्मान हेतु आयोजित उस गरिमामय समारोह को संबोधित करते हुए कहा जिसे मोहल्ले के लोगो द्वारा आयोजित किया गया था। आपको बता दें कि 84 वर्षीय श्री दुबे वनपाल की नॉकरी से सेवानिवृति के बाद मिली राशि समाज सेवा व मंदिर निर्माण में खर्च किये और आज भी उन्हें पेंशन से जो वाली राशि प्राप्त होती है उसे जरूरतमंदों के सहयोग में खर्च करते है। यही नही सेवानिवृति के बाद उन्होंने स्वच्छता के लिए खुद से जहाँ भी रहे साफ सफाई कर लोगो को प्रेरित किया। उम्र के इस पड़ाव में भी श्री दुबे अकेले ही जहां कचरा दिखा उसकी सफाई में बगैर किसी संकोच के लग जाते है। निःस्वार्थ भाव से लोगो की सेवा में लगे ऐसे समाज सेवक के सम्मान हेतु आयोजित कार्यक्रम में बतौर अतिथि कलेक्टर डॉ सिंह मौजूद थे। जिन्होंने साल श्रीफल व स्मृति चिन्ह देकर श्री दुबे का सम्मान किया।

कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जीएस मिश्र, हरिदास अग्रवाल, रविशंकर मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता एच एन मिश्रा, अनिल गोयल, व्ही एस मिश्रा व जनार्दन सिंह भी अतिथि के तौर पर मंचासीन रहे। जिन्होंने भी व्यक्तिगत रूप से श्री दुबे का साल व श्रीफल से सम्मान किया।


कलेक्टर डॉ सिंह ने इस आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मौजूद लोगों से कहा कि आप बच्चो में जो संस्कार डाल रहे है और सामाजिक मूल्यों का जो रोपड़ कर रहे है वो आज नही आने वाले कुछ वर्षों में आपको वापस मिलेगा। उन्होंने कहानियों के माध्यम से टूटते संस्कार व बिखरते परिवार के संबंध में बताते हुए बच्चों को अच्छा संस्कार देने के लिए लोगो को प्रेरित किया। उन्होंने लोगो से कहा कि मुरलीधर दुबे की परंपरा को समृद्ध करे और आगे बढ़ाए यह नई परंपरा की शुरुआत है। जब हम यह कार्य प्रारम्भ करेंगे तो निश्चित रूप से आदर्श समाज की ओर आगे बढ़ेंगे। कलेक्टर डॉ सिंह ने श्री दुबे के दीर्घायु होने की कामना करते हुए कहा कि जड़ता का नाम जीवन नहीं है, पलायन पुरोगमन नहीं है। आदमी को चाहिए जूझे परिस्थितियों से लड़े, एक स्वप्न टूटे तो दूसरा गढ़े। कलेक्टर ने स्वछता हेतू लोगो को प्रेरित किया और कहा कि हम अगर अपने अपने घर के सामने ही सफाई रखे तो यह भी स्वच्छता के क्षेत्र में बहुत बड़ा सहयोग होगा। स्वच्छता को लेकर कलेक्टर डॉ सिंह के द्वारा कही गई इस बात से प्रेरित महिलाओ व बच्चो ने दूसरे दिन से ही अपने घरों के सामने स्वच्छता का बीड़ा उठाया और नियमित इस व्यवस्था को कायम रखने की बात कही। कार्यक्रम को अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जी एस मिश्र ने संबोधित करते हुए कहा कि श्री दुबे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। हम सभी को उनसे सीख लेकर निःस्वार्थ भाव से समाज की भलाई हेतु कार्य करने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। ताकि आने वाली पीढ़ी भी इससे सीख ले सके। कार्यक्रम को वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल गोयल व जनार्दन सिंह ने भी संबोधित कर श्री दुबे से प्रेरणा लेने की बात कही। मंच का संचालन के पी शर्मा व सुरविन्द गुर्जर ने किया।

आयोजन में नागेन्द्रनाथ दुबे, हरिशंकर मिश्रा, अजय मिश्रा, शैलेन्द्र सिंह, नीरज पांडेय, कमलदेव गुर्जर, दिनेश द्विवेदी, सतीश बंसल, बांके बिहारी अग्रवाल, डॉ राकेश सिंह, प्रवेश गोयल,पार्षद श्रीमती पुष्पलता साहू, अनुज दुबे, यूपी त्रिपाठी, गिरधारी साहू आर बी शर्मा, मनमोहन जायसवाल सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठजन, महिला व बच्चे मौजूद रहे।

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