रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- नगर पंचायत क्षेत्र में सन 2014-15 में करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से 6.5 किलोमीटर रिंग रोड का निर्माण नगर के विकास एवं विस्तार में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ रिंग रोड निर्माण के बाद नगर का विस्तार एवं विकास तेजी से हुआ। गौरतलब है कि नगर पंचायत क्षेत्र में रिंग रोड निर्माण के पूर्व सभी वाहने नगर के अंदर से होकर जाती थी जिससे काफी असुविधा नगर वासियों को उठानी पड़ती थी इस बीच छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा नगर में रिंग रोड स्वीकृति किया गया जिसके बाद रिंग रोड का निर्माण लोक निर्माण विभाग के द्वारा किया गया जिसके बाद नगर के विस्तार एवं विकास में तेजी आई। नगर की जनसंख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई वही नगर के बसाहट में भी विस्तार हुआ।

तत्कालिक विभाग के उप अभियंता सुरेश कुमार मिश्रा की रही महत्वपूर्ण भूमिका- नगर में रिंग रोड तो स्वीकृत हो गया था परंतु रिंग रोड बनाना बहुत बड़ी चुनौती थी क्योंकि अधिकांश जमीनों में कब्जा था वही कइयो की निजी स्वामित्व की भूमि भी उक्त निर्माण में फस रही थी ऐसे में लोगों को समझाना एवं रिंग रोड की दिशा तय करना बहुत बड़ी चुनौती थी जो तत्कालिक लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता सुरेश कुमार मिश्रा के लगातार प्रयासों से ही संभव हो सका। 12वी बटालियन मुख्यालय आने-जाने का मिला रास्ता- रिंग रोड के निर्माण के बाद 12वी बटालियन मुख्यालय जो वार्ड क्रमांक 13 में स्थित है वहां आने जाने का रास्ता भी रिंग रोड के कारण बना 12वी बटालियन के मुख्यालय में आने जाने का रास्ता बनने के बाद 12वी बटालियन का भी विकास तेजी से हुआ।

एकड़ में बिकने वाले जमीन बिकने लगी डिसमिल में- नगर में जैसे ही रिंग रोड का निर्माण पूर्ण हुआ वैसे ही जो जमीन एकड़ में बिकती थी वह अब डिसमिल में बिकने लगी। जमीन के रेट एकाएक आसमान छूने लगे। शासकीय भूमि में कब्जा भी हुआ तेजी से- रिंग रोड बनने के बाद जहां निजी स्वामित्व की भूमि में एकाएक रेट में भारी बढ़ोतरी हुई तो वही शासकीय भूमि में भी तेजी से अतिक्रमण हुआ आज स्थिति यह है कि रिंग रोड के लंबे चौड़े क्षेत्रफल में दर्जनों लोगों के द्वारा अवैध कब्जा कर मकान निर्माण कर लिया गया है।

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