रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी) वैश्विक महामारी कोरोना के कारण हुए लाकडाउन में शासन के द्वारा प्रत्येक राशन कार्डधारी एवं प्रत्येक जरूरतमंद जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उन लोगो तक भी राशन पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है वहीं रामचंद्रपुर विकासखंड में राशन दुकानदारों के द्वारा कम राशन दिए जाने एवं राशन वितरण में लगातार बरती जा रही गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें कम नहीं हो रही है ग्राम पंचायत मरमा के सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दुकान के द्वारा जहां राशन कम दिए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है तो वहीं ग्राम बसेरा खुर्द में भी राशन कम दिए जाने की शिकायतों के बाद ग्रामीणों के द्वारा राशन दुकान में ही ताला लगा दिया गया।
गौरतलब है कि शासन के द्वारा कोरोना के इस संक्रमण काल में ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति की चिंता करते हुए 2 माह का चावल जहां निशुल्क दिया जा रहा है वही राशन दुकानदारों के द्वारा राशन वितरण में जमकर मनमानी की जा रही है उनके मनमानी के कारण गांव में आक्रोश है ग्राम पंचायत मरमा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली दुकान के दुकानदार द्वारा कम चावल दिया जा रहा था वही ग्राम पंचायत बसेरा खुर्द के सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दुकान में भी दुकानदार द्वारा कम चावल दिया जा रहा था जिसके बाद यहां आक्रोशित ग्रामीणों के द्वारा राशन दुकान में ही ताला लगा दिया गया एवं जांच के बाद दुकान खोलने दिए जाने की बात कही जा रही है। ग्राम पंचायत बसेरा खुर्द के सरपंच करेसन सिंह ने कहा कि राशन दुकानदार के द्वारा राशन वितरण में लगातार अनियमितता की जा रही थी वही राशन कार्ड धारियों को चावल भी कम दिया जा रहा था जिसके बाद हम लोगों के द्वारा शुक्रवार को दुकान में ताला लगा दिया गया।जिसे फूड इंस्पेक्टर के जांच के बाद ही खोला जाएगा। ग्राम पंचायत मरमा के सरपंच सुनील सिंह ने बताया कि चावल के साथ-साथ शक्कर चीनी भी दुकानदार के द्वारा कम कम दिया जा रहा था जिसकी जांच की मांग हम लोगों के द्वारा की गई थी।


फूड इंस्पेक्टर पहुंचे जांच में – ग्राम पंचायत मरमा में राशन वितरण में बरती जा रही अनियमितता एवं कम राशन दिए जाने की शिकायत के बाद फूड इंस्पेक्टर मरमा में जांच के लिए पहुंचे जहा फूड इंस्पेक्टर द्वारा ग्रामीणों का बयान लिया जा रहा है।
कम चावल देने का विरोध करने पर दुकानदार करते हैं गाली गलौज – ग्राम पंचायत मरमा के राशन कार्ड धारियों ने आरोप लगाया कि हम लोगों के द्वारा जब कम चावल दिए जाने का विरोध किया जाता है तो राशन दुकानदार के द्वारा गाली-गलौज किया जाता है यहां तक कि कहा जाता है कि जाओ जहां शिकायत करना है कर दो।
ग्रामीणों में है आक्रोश- एक ओर कोरोना संक्रमण को लेकर हुए लॉकडाउन के कारण अधिकांश लोग बेरोजगार हो गए हैं एवं शासन के द्वारा प्रदान किए जा रहे राशन पर ही निर्भर है ऐसी स्थिति में भी राशन दुकानदारो के द्वारा राशन वितरण में अनियमितता बरतने से ग्रामीणों में आक्रोश है जिसका नतीजा है कि आए दिन ग्रामीणों के द्वारा राशन दुकानों में तालाबंदी की जा रही है।समय रहते यदि प्रसासन इस ओर ध्यान दे कर उचित कार्यवाही नहीं करेता तो कभी भी विस्फोटक स्थिति निर्मित हो सकता है।

Categorized in: