अंबिकापुर। सरगुजा संभाग के चिरमिरी हल्दीबाड़ी क्षेत्र में मिले कोरोना पॉजिटिव युवक को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया है। शुक्रवार की देर रात उसे चिरमिरी से अंबिकापुर एंबुलेंस से लाया गया और कोविड अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। अंबिकापुर कोविडल अस्पताल में पॉजिटिव केस आने का पहला मामला सामने आया है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया और पूरी सावधानी बरती जा रही है।


यूपी के फतेहपुर से ७ दिन पूर्व लौटा चिरमिरी के हल्दीबाड़ी क्षेत्र निवासी २८ वर्षीय युवक कोरोना पॉजिटिव निकला है। इसका आरटीपीसीआर सैंपल १३ मई को लिया गया था और १५ मई को आई रिपोर्ट में वह पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद से कोरिया जिले में हडक़ंप मच गया। हल्दीबाड़ी क्षेत्र को प्रशासन द्वारा सील करा दिया गया है। वहीं जिला प्रशासन ने उसे इलाज के लिए शुक्रवार की देर रात उसे विशेष एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया है। उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बने १०० बिस्तरीय कोविड अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इसे लेकर सरगुजा का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसे विशेष निगरानी में रख कर इलाज कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि युवक में कोरोना के प्रारंभिक लक्षण नहीं दिखे थे, इसके बावजूद वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। उसे सांस लेने व अन्य किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। इस कारण उसे आइसेलेशन वार्ड में ही रखा गया है। अब सरगुजा जिले में भी पूरी सावधानी बरती जा रही है। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाहर से आए प्रवासी मजदूरों व अन्य लोगों पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उनका रैपिड टेस्ट कराया जा रहा है। अब तक कुल १४ सौ से ज्यादा लोगों का रैपिड टेस्ट किया जा चुका है। जबकि ५६० लोगों का आरटीपीसीआर जांच किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के हर ब्लाक में ४-५ क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है।

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मरीज के देखभाल में लगे सभी 14 दिन के लिए होगे क्वारंटीन
सीएमएचओ डॉ. पीएस सिसोदिया ने बताया कि कोरिया जिले के कोविड मरीज को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया है। इसकी निगरानी में डॉक्टर, स्टाफ नर्स व चतुर्थ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी की अस्पताल कैंपस में रूकने की व्यवस्था की गई है। सात दिन बाद मरीज के देख भाल में लगे सभी को १४ दिन के क्वारंटीन में रखा जाएगा।

कई लोगों से मिल चुका है युवक
यूपी से लौटने के बाद युवक को स्वास्थ्य विभाग के क्वारंटीन सेंटर में रहने की सलाह दी गई थी। लेकिन युवक अपनी मनमानी के कारण क्वारंटीन सेंटर में नहीं रूका और अपने घर में होम आइसोलेशन में रहा। इसके अलावा वह इधर-उधर घूमता रहा। इसके अलावा वह विधायक, महापौर सहित अन्य नेताओं के भी संपर्क में आया है। जानकारी के अनुसार वह १०० से ज्यादा लोगों के संपर्क में आ चुका है। अब तक उसके संपर्क में आए ८५ लोगों का रैपिड टेस्ट कराया गया है, जो निगेटिव आया है।

पत्नी व बच्चों की रिपोर्ट आना बाकी
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि यूपी से लौटने के बाद युवक को १२ मई को बुखार की शिकायत मिली थी। इसके बाद १३ मई को उसका सैंपल लिया गया। १५ मई को आई रिपोर्ट में युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इसके बाद उसकी पत्नी व बच्चों का भी सैंपल भेजा गया है। अभी रिपोर्ट आना बाकी है। वहीं पूरे परिवार को होम क्वारंटीन कर दिया गया है।

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