बलंगी ग्रामीणों के विवाद में छत्तीसगढ़ की सीमा पर 100 टन वजनी ट्रांसफार्मर लेकर पहुंचा 106 चक्के का 3 ट्रेलर फंस गए हैं। वजनी ट्रेलर के प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित पुल के धराशाई होने के डर से ग्रामीण वाहनों को बीच रास्ते में ही रोक दिए हैं। तीनों ही वाहन पिछले एक सप्ताह से ग्राम पंचायत रमेशपुर के पास रूके हैं। सीमावर्ती मध्यप्रदेश अंतर्गत सिंगरौली जिला में एनटीपीसी की इकाई संचालित है। संयत्र के लिए आवश्यक भारी- भरकम ट्रांसफार्मर लेकर 106 चक्का के तीन ट्रेलर एक महीने पूर्व गुजरात के बड़ोदरा से रवाना हुए थे। ट्रेलर चालकों ने कम दूरी का सफर करने की लालच में सीमापार बने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क की राह पकड़ ली। गांव की संकरी सड़क से धीमी रफ्तार से गुजर रहे वाहन ग्रामीणों को किसी अजूबे की तरह लगे लिहाजा इन्हें देखने भारी भीड़ उमड़ने लगी तथा वाहनों के जानकारी पूरे क्षेत्र में जंगल के आग की तरह फैल गई। सोशल मीडिया में वाहनों की तस्वीर होने पर कुछ ग्रामीणों को वजनी ट्रेलर के गुजरने से चौपता में रेण नदी पर बने कम क्षमता के पुल के क्षतिग्रस्त होने की चिंता हुई। ग्रामीणों ने भाजपा पदाधिकारियों को अपनी चिंता से अवगत कराया तथा ट्रकों को गांव के पास ही रोक दिया। ग्रामीणों ने अपनी चिंता से पुलिस को भी अवगत कराया । तीनों ट्रेलर एक सप्ताह से ग्राम रमेशपुर के पास पीएमजीएसवाय की संकरी सड़क पर खड़े है। सूचना पर चौकी प्रभारी अमित गुप्ता स्थिति का जायजा लेने ग्राम रमेशपुर पहुंचे तथा चालकों से परिवहन संबंधी दस्तावेजों की मांग की लेकिन चालक कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। ऐसे में चौकी भी चालकों की मद्दद नहीं कर सके। सूचना पर सोमवार को तहसीलदार विष्णुगुप्ता भी पहुंचे थे। आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में वे भी वाहन चालकों को रात में चोरी छिपे पुल पार नहीं करने की समझाईश देकर लौट आए। परिवहन अधिकारी के अनुसार इस तरह के भारी वाहन केन्द्र सरकार की अनुमति से ही सफर करते हैं।

सौ टन वजनी हैं ट्रांसफार्मर

ग्रामीणों के अनुसार ट्रेलर पर लोड ट्रांसफार्मर सौ टन वजनी हैं जबकि पुल की क्षमता 77 टन की है। इसके अतिरिक्त ट्रेलर भी भारी भरकम हैं। ऐसे में वाहनों के गुजरने से पुल क्षतिग्रस्त हुआ तो वे कहीं के नहीं रहेंगे उने आवागमन का रास्ता ही बंद हो जाएगा।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों का सहारा
विकासखण्ड वाड्रफनगर अंतर्गत बलंगी क्षेत्र सुविधाओं की दृष्टि से अत्यंत पिछड़ा है तथा क्षेत्र के अधिकांश गांवों को लम्बी मशक्कत के बाद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जोड़ा गया है। ब्लाक एवं जिला मुख्यालय की दूरी अधिक होने के कारण क्षेत्रवासी अपनी सभी आर्थिक गतिविधयां सिंगरौली बाजार से संचालित करते हैं। चतोता स्थित रेण नदी पर विभाग द्वारा लगभग 150 मीटर लम्बा पुल बनाया गया है जिसको लेकर ग्रामीण काफी संवेदनशीलता दिखा रहे हैं।

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