रामानुजगंज(विकाश कुमार केशरी)- नगर पंचायत क्षेत्र के खाली पड़े करीब सभी स्थानों में गाजर घास तेजी से फैल रहा है बरसात के पूर्व नगर पंचायत को गाजर घास को साफ कराए जाने की आवश्यकता है नहीं तो  गाजर घास बरसात में और क्षेत्र में फैल जाएगा। जानवरों एवं नगर नगरवासियों के लिए बड़ी समस्या पैदा कर सकता है।

                                              गौरतलब है कि नगर के मां महामाया मंदिर परिसर, राम मंदिर परिसर शिव मंदिर परिसर कन्हर नदी घाट सहित नगर के अन्य खाली पड़े स्थानों में गाजर घास तेजी से फैल रहा है। नगर पंचायत को बरसात के पूर्व नगर से गाजर घास सफाई कराए जाने की आवश्यकता है यदि जिस प्रकार से गाजर घास नगर में फैल रहा है यदि यही स्थिति रही तो नगर का कोई ऐसा खाली जमीन नहीं बचेगा जहां गाजर घास न फैल हो गया हो।

गाजर घास मनुष्यों एवं पशुओं के लिए है गंभीर समस्या- गाजर घास फसलों के अलावा मनुष्य और पशुओं के लिए भी गंभीर समस्या है इस खरपतवार के संपर्क में आने से एक्जिमा, एलर्जी ,बुखार दमा व नजला जैसी घातक बीमारियां हो जाती है इसे खाने से पशुओं में कई रोग हो जाते हैं अगर गाय या भैंस इसे खा लेती है तो उनके थनों सूजन आ जाती है और वह मर भी सकते हैं।

फसलों के लिए है घातक- गाजर घास में एसक्यूटेरपीन लेक्टोन को नामक विषाक्त पदार्थ पाया जाता है जो फसलों की अंकुरण क्षमता और विकास पर विपरीत असर डालता है इसके परागकण पर परागित फसलों के मादा जनन अंगों मे एकत्रित हो जाते हैं जिससे उनकी संवेदनशीलता खत्म हो जाती है और बीज नहीं बन पाते हैं यह दलहनी फसलों में नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाले जीवाणुओं की क्रियाशीलता को भी कम करता है।

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