500 सीसीटीवी खंगालते 10 दिन तक चला सर्च ऑपरेशन, और अंतर्राज्यीय गिरोह के ठिकाने तक पहुंची पुलिस

अंबिकापुर। सरगुजा के थाना सीतापुर अंतर्गत बीते 26 जुलाई को ज्वेलर्स दुकान के पास से हुई एक करोड़ रुपये के जेवरों की उठाईगिरी के मामले का सरगुजा पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के 2 आरोपियों की पहचान की है। पुलिस ने छत्तीसगढ़, झारखंड और उड़ीसा के करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर और तकनीकी विश्लेषण के बाद आरोपियों का पता लगाया, और उड़ीसा के गंजाम जिले में दबिश देकर आरोपी के घर से 46 लाख रुपये का सोने-चांदी के आभूषण बरामद किया है।

डीआईजी एवं सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल ने पुलिस कोआर्डिनेशन सेंटर में पत्रकारों से घटना दिनांक 26 जुलाई से अब तक पुलिस की कार्रवाई और मिली सफलता को साझा करते हुए बताया कि, अरुणदेव सोनी का हाईस्कूल सीतापुर के पास कांशी विश्वनाथ ज्वेलर्स दुकान है। सुबह करीब 11.30 बजे वे अपनी स्कूटी में ज्वेलरी का बैग लेकर दुकान खोलने गए थे। दुकान के पास स्कूटी में बैग रखकर शटर खोल ही रहे थे कि, अज्ञात व्यक्ति बैग लेकर भाग गया। बैग में रखे सोने-चांदी के आभूषण की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई थी। रिपोर्ट पर थाना सीतापुर में धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी के नेतृत्व में साइबर सेल अंबिकापुर और थाना सीतापुर की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीव्ही फुटेज प्राप्त किए। फुटेज में दो मोटरसाइकिल पर सवार 4 संदिग्ध व्यापारी के कब्जे से बैग लेकर भागते दिखे। इसके बाद टीम ने उनके रूट सरगुजा के गेरसा, जशपुर के कांसाबेल, कुनकुरी, सिंगीबहार होते हुए झारखंड के कुरडेग, खैरनटोली, सिमडेगा और उड़ीसा के सुंदरगढ़ तक ट्रैस किया। टीम ने इन सभी संभावित स्थानों के करीब 500 सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से अवलोकन किया। फुटेज और हुलिया के आधार पर अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित करके संदेहियों के तलाश में लगी तो इनकी पहचान चांटी दास निवासी ग्राम सोर्डा जिला गंजाम उड़ीसा और नागेश्वर राव निवासी नारायणपुर थाना कोटिनाडा जिला गंजाम उड़ीसा के रूप में हुई।

उड़ीसा पुलिस के सहयोग से सर्च ऑपरेशन

आरोपियों की पहचान के बाद पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा, एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल, एएसपी रितेश चैधरी और नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल के मार्गदर्शन में संयुक्त टीम को उड़ीसा के गंजाम जिले भेजा गया। स्थानीय पुलिस के सहयोग से टीम ने लगातार 10 दिनों तक संभावित ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी बीच पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि संदेही चांटी दास 16 अगस्त की रात अपने घर आया था। पुलिस ने ग्राम सोर्डा स्थित उसके घर पर दबिश दी, घर पर ताला लगा था। विधिवत तलाशी में घर से सीतापुर से चोरी के जेवरात मिले।

300.92 ग्राम सोने और कीमत एक किलो से अधिक चांदी के आभूषण मिले

पुलिस ने करीब 300.92 ग्राम सोने के आभूषण कीमत 43 लाख रुपये और 1 किलो 168 ग्राम चांदी के आभूषण कीमत 3 लाख रुपये, कुल 46 लाख रुपये का माल जप्त किया। इधर आरोपी चांटी दास मौके से फरार हो गया। पुलिस टीम फिलहाल आरोपी चांटी दास और नागेश्वर राव की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों का भी पता लगाया जा रहा है।

एसएसपी ने इनकी भूमिका को सराहा

एसएसपी ने बताया कि प्रकरण के पर्दाफाश में साइबर सेल अंबिकापुर से प्रभारी सउनि अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, विकास सिन्हा, आरक्षक अशोक यादव, अनुज जायसवाल, मनीष सिंह, अमन पुरी, राहुल केरकेट्टा, थाना सीतापुर से थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अखिलेश सिंह, उपनिरीक्षक रघुनाथ भगत, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक अनिल कुमार, प्रधान आरक्षक तीजराम पैंकरा, आरक्षक राकेश यादव, महेंद्र नाग, थाना मणीपुर से आरक्षक उमाशंकर साहू, कुश कुमार सोनी, उड़ीसा पुलिस से एसडीओपी आश्का सौरव रंजन प्रधान, थाना प्रभारी आश्का सुधीर कुमार, निरीक्षक दीप्ती रंजन बेहरा, प्रधान आरक्षक पंचानन, आरक्षक मनोज कुमार, वरूण कुमार, हेमंत कुमार की सराहनीय भूमिका रही।

पुलिस करेगी ज्वेलरी के रिकार्ड का मिलान

एक करोड़ का जेवरात लेकर भागने की घटना के प्रकाश में आने के बाद सीतापुर क्षेत्र के लोगों में आक्रोश था। घटना को लेकर स्वस्फूर्त नगर बंद, चक्काजाम जैसा प्रदर्शन भी लोगों ने किया था, जिसमें व्यवसायी सहित सभी वर्ग के लोग शामिल हैं।

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