ग्रामीणों ने कहा-10 साल से कर रहे मांग, वोट के बाद भूल जाते हैं नेता, एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती  

लखनपुर। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड में सड़क की बदहाली से त्रस्त ग्रामीणों ने अनूठे तरीके से विरोध जताया। ग्राम पंचायत पुहपुटरा के आश्रित ग्राम चिलबिल के पंडोपारा के लोगों ने पुहपुटरा से पंडोपारा होकर सिंगीटाना जाने वाली खस्ताहाल सड़क पर ही धान की फसल लगा दी और सड़क को खेत में तब्दील कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि, यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल का है। इसके बावजूद पिछले 10 सालों से सड़क की मांग के बाद भी यहां सड़क नहीं बन पाई है। लोगों का कहना है कि वोट मांगने के समय ही नेता, मंत्री और जनप्रतिनिधि यहां पहुंचते हैं। चुनाव जीतने के बाद उन्हें इस रोड से कोई वास्ता नहीं रहता।

स्कूली बच्चे और गर्भवती महिलाएं परेशान  
इस सड़क से प्रतिदिन ग्रामवासी और स्कूली बच्चे आना-जाना करते हैं। कीचड़ और गड्ढों के कारण बच्चे बार-बार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बरसात में हालात और भी बदतर हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि, अगर किसी की तबीयत खराब हो जाए या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो तो मजबूरी में 1 से 2 किलोमीटर तक खाट में उठाकर इसी बदहाल सड़क से पैदल ले जाना पड़ता है। इस सड़क पर एंबुलेंस का पहुंचना तक मुमकिन नहीं है।

10 पंडो जनजाति की है बसाहट
बड़ी बात यह है कि इस रोड के आसपास विशेष आरक्षित जनजाति पंडो जनजाति के 10 परिवार निवास करते हैं। इन्हें भी मूलभूत सुविधाओं के लिये तरसना पड़ रहा है। अगर सड़क ही नहीं मिलेगी तो उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की बात बेईमानी साबित होगी। जिला प्रशासन का ध्यान भी इन ग्रामीणों को हो रही दिक्कत की ओर नहीं जाना समझ से परे है, जबकि प्रशासन के अमले की गांव-गांव तक पैठ बनी रहती है।

सरपंच-सचिव पर भी आरोप  
ग्रामवासियों का कहना है कि सरपंच और सचिव को पहले भी कई बार अवगत कराया गया, लेकिन मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हुई। समस्या जस की तस बनी हुई है। विरोध कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि ‘नेताओं के कई चेहरे बदले, लेकिन करीब 10 साल बीत जाने के बाद भी इस सड़क की तस्वीर नहीं बदली। अब देखना होगा कि इस अनूठे विरोध प्रदर्शन के बाद शासन-प्रशासन ग्रामीणों की सुनता है या फिर लोग इसी खस्ताहाल सड़क पर जीवन बिताने को मजबूर होंगे।

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