जिस भूमि पर 70 वर्षों से कर रहे खेती, वहां बन रहा आंगनबाड़ी भवन

अंबिकापुर। दशकों से काबिज भूमि पर बिना ग्रामसभा की अनुमति के आंगनबाड़ी भवन निर्माण कराने से क्षुब्ध महिला ने इच्छा मृत्यु संबंधी महामहिम राष्ट्रपति को सरगुजा कलेक्टर के माध्यम से प्रेषित पत्र की ओर ध्यानाकर्षण कराया है। इनके द्वारा पांच दिवस के भीतर प्रकरण पर उचित कार्रवाई नहीं होने पर पूरे परिवार के साथ अंबिकापुर के घड़ी चैक में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। शुक्रवार को ये महिलाएं गूंगे, बहरे अंधों के परिवार की जमीन छीन रही भाजपा सरकार, की तख्ती लिए कलेक्टोरेट परिसर में नजर आए।

मामला सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम बटईकेला का है। सीमा, प्रिंसी, शांति नामक महिलाओं ने आगाह कराया है कि, ग्राम बटईकेला में स्थित खसरा नंबर 1784 से संबंधित भूमि विवाद को लेकर उन्होंने पूर्व में इच्छा मृत्यु की अनुमति प्रदान करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन में उल्लेख किया गया था कि, जिस भूमि पर उनका परिवार लगभग 70 वर्षों से खेती-किसानी करके जीवनयापन कर रहा है, उसी भूमि पर बिना सहमति एवं बिना ग्रामसभा की अनुमति के आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे उनके परिवार के बीच गंभीर संकट की स्थिति बन गई है। मामले में आज दिनांक तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, और न ही न्यायोचित समाधान किया गया है। परिवार में दिव्यांग सदस्य होने के बावजूद प्रशासन द्वारा उनकी पीड़ा को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे पूरा परिवार मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक प्रताड़ना का सामना कर रहा है। प्रकरण को संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच व दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की पुन: मांग की गई है। स्मरण पत्र प्राप्ति के 5 दिवस के अंदर प्रकरण पर उचित कार्रवाई नहीं किए जाने पर पूरे परिवार के साथ अंबिकापुर के घड़ी चैक में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने की चेतावनी दी गई है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि, अनशन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति के लिए स्थानीय प्रशासन एवं शासन उत्तरदायी होगा।

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