पहले भी हो चुके हैं हादसे, कोई प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र अंतर्गत लिब्रा वाटरफॉल में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। साथी उसे निकाल कर बाइक से मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लिब्रा वाटरफॉल में पहले भी हादसे हो चुके हैं, लेकिन वाटरफॉल को प्रतिबंधित करने की पहल प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।

जानकारी के मुताबिक, सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम पोकसरी का इंद्रदेव पैकरा पिता संजय पैकरा, शनिवार को अपने 5 साथियों के साथ लिब्रा वॉटरफॉल घूमने के लिए आया था। वाटरफॉल में नहाने के बाद वे घुनघुट्टा नदी में नहाने के लिए चले गए। यहां नहाने के दौरान इंद्रदेव पैकरा का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। युवक को डूबते देखकर साथियों ने शोर मचाया। इंद्रदेव तैरना नहीं जानता था। इसके बाद साथियों ने उसे किसी तरह से बाहर निकाला, तत्समय उसकी सांसें चल रही थी। साथी युवक उसे बाइक से लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर पहुंचे, यहां जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बता दें कि, लिब्रा वाटरफॉल घुनघुट्टा नदी पर बने बांकी डैम के वेस्ट वियर से निकलने वाले पानी के ऊंचाई से गिरने के कारण बना है। यहां रोज बड़ी संख्या में लोग नहाने के लिए पहुंचते हैं। लिब्रा वाटरफॉल से लगा हुआ घुनघुट्टा नदी है, वाटर फॉल का पानी नीचे नदी तक पहुंचता है। वाटरफॉल के बाद लोग नदी में नहाने के लिए चले जाते हैं। पिछली कई सालों में भी लिब्रा वाटरफॉल में डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। प्रशासन ने पिछले साल इसे प्रतिबंधित क्षेत्र भी घोषित किया था। इसके बाद किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं देने के कारण यहां आए दिन हादसे की आशंका बनी रहती है।

 

Categorized in: