पुलिस पर शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप, आईजी से कार्रवाई की मांग

अंबिकापुर। दाबेली टुन-टुन के संचालक अमन ओझा के हत्या की आशंका व्यक्त करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पार्षद आलोक दुबे ने सरगुजा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। उन्होंने दीपक झा, पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज से मामले को तत्काल संज्ञान में नहीं लेने वाले पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की मांग की है। दस्तावेजी प्रमाणों के साथ उन्होंने आईजी के संज्ञान में लाया है कि, मृतक अमन ओझा के द्वारा और लिखित शिकायतों और सोशल मीडिया के माध्यम से अपने हत्या की आशंका जाहिर की थी।

आईजी के प्रेषित पत्र में उल्लेख किया गया है कि, मिशन चौक अंबिकापुर निवासी दाबेली टुन-टुन दुकान का संचालक अमन ओझा की झारखण्ड राज्य के गढ़वा जिले में संदिग्ध परिस्थिति में लाश मिली है। लाश की संदिग्ध परिस्थितियों में बरामदगी पर हत्या की आशंका शत-प्रतिशत है। मृतक अमन ओझा अपने हत्या के 3-4 दिन पहले सोशल मीडिया, फेसबुक एकाउंट पर अपना सार्वजनिक वीडियो प्रसारित किया था, जिसमें स्वयं बोलते हुए इस बात को सार्वजनिक रुप से कहा था कि, उसकी पत्नी एवं बच्चे को जयस्तम्भ चौक अंबिकापुर निवासी धर्म विशेष का युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। इसकी लिखित शिकायत मृतक ने अप्रैल 2026 में थाना कोतवाली अंबिकापुर एवं कलेक्टर जनदर्शन सरगुजा में की थी, जिसमें कोतवाली थाना अंबिकापुर के आवेदन में भगाने वाले मुस्लिम युवक का नाम एवं धमकी देने वाले युवकों का नाम एवं मोबाइल नम्बर दिया था। इससे वह मानसिक रूप से बहुत परेशान था, इसकी जानकारी सरगुजा जिले के साइबर विभाग, गांधीनगर थाना, कोतवाली थाना, नगर पुलिस अधीक्षक सबको होने के बावजूद पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया और न ही इसकी पत्नी एवं बच्चे की पतासाजी की, न ही इन्हें भगाकर ले जाने वाले युवक को पकड़ा। यह सरगुजा पुलिस विभाग के साइबर शाखा, नगर पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी गांधीनगर, थाना कोतवाली की अक्षम्य घोर लापरवाही का द्योतक है। उन्होंने कहा है कि, मृतक अमन ओझा की हत्या के मामले में जवाबदारी तय होनी चाहिए, चूंकि मृतक अमन ओझा की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य झारखण्ड के गढ़वा जिले में मिला है। उन्होंने मांग की है कि, तत्काल पूरे मामले को संज्ञान में लेकर एक जांच टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराई जाए एवं झारखण्ड पुलिस के सहयोग से इस हत्याकाण्ड की पर्दाफाश कराया जाए। मृतक अमन ओझा के द्वारा सोशल मीडिया में हत्या के दो दिन पूर्व सार्वजनिक रूप से प्रसारित उसकी वीडियो की भी साइबर सेल से जांच कराकर इस मामले के लिए दोषी पुलिस के ऊपर भी कार्रवाई की जाए।

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