अम्बिका सिंहदेव ने कहा-लोकसभा की 543 सीटों से 181 को महिलाओं के लिए क्यों नहीं किया रिजर्व

महिला आरक्षण के आड़ में परिसीमन विधेयक पारित करने के उद्देेश्य में विफल रहने वाली भाजपा के द्वारा पूरे देश में कांग्रेस सहित विपक्ष को महिला आरक्षण विरोधी होने का दुष्प्रचार किया जा रहा है, इसके विरोध में शनिवार को शहर के जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में बैकुंठपुर की पूर्व विधायक अम्बिका सिंहदेव ने एक प्रेसवार्ता कर तथ्यों का खुलासा किया। उन्होंने कहा, भाजपा के इस दुष्प्रचार के विरोध में पूरे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने अपने महिला नेत्रियों के माध्यम से भाजपा के इस झूठे प्रलाप पर से पर्दा हटाने का निर्णय लिया है।

अम्बिका सिंहदेव ने प्रेसवार्ता में जानकारी दी कि संसद एवं विधान सभाओं में 33 प्रतिशत महिलाओं के आरक्षण का बिल सितंबर 2023 में कांग्रेस के सहयोग से एनडीए की मोदी सरकार ने पारित करा लिया था, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया। सरकार ने तत्समय यह तर्क दिया कि, नई जनगणना के उपरांत, परीसीमन कर इसे वर्ष 2034 में लागू किया जायेगा। इस दौरान कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों ने महिलाओं को आरक्षण देने के सरकार के इस टाल-मटोल वाले रवैये की आलोचना करते हुए इसे तत्काल लागू करने एवं लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों पर लागू करते हुए 181 सीटों को महिलाओं के लिये रिजर्व करने की मांग की गई थी, जिस पर कांग्रेस आज भी कायम है। सितंबर 2023 में महिला आरक्षण को लेकर पारित इस बिल पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हस्ताक्षर उपरांत यह कानून में बदल चुका है, लेकिन भाजपा ने शर्तें जोड़कर महिला आरक्षण को पोस्ट-डेटेड चेक में बदल दिया है, जो कभी भुनाया ही नहीं जा सकेगा। वास्तव में भाजपा एक चावल जो पहले ही बन चुकी है उसे फिर से बनाने की बात कर रही है, जो हास्यास्पद है।

अम्बिका सिंहदेव ने कहा यह कांग्रेस के प्रयासों का फल है कि, देश में आज बडी संख्या में नारी शक्ति राजनैतिक भागीदारी दे रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मताधिकार, पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों में महिला आरक्षण सहित संसद एवं विधानसभाओं में मौजूदा महिला आरक्षण की नींव कांग्रेस के द्वारा ही रखी गई, हम तत्काल ही इसे सरकार से लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन संघ परिवार की पुरुष प्रधान मनुवादी सोच जान-बूझकर नये-नये बहानों के साथ महिला आरक्षण को रोक रही है, और दूसरों पर इसका ठीकरा फोड़ रही है। भाजपा की मंशा महिला आरक्षण के आड़ में मनमाफिक परीसीमन लागू कर देश में तानाशाही स्थापित करने का था। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर मोदी सरकार महिला आरक्षण को लेकर तनिक भी गंभीर हैं तो आज ही संसद की 543 सीटों में से 33 प्रतिशत अर्थात 181 सीटों को महिलाओं के लिये आरक्षित करने की प्रक्रिया प्रारंभ करें। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, पीसीसी महामंत्री, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, विनीत विशाल जायसवाल,महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा सोनी, पूर्व महिला जिलाध्यक्ष संध्या रवानी, गीता प्रजापति, सरला सिंह, प्रीति सिंह, शकीला सिद्दीकी मौजूद रहंी।

महिला अपराध को लेकर हस्ताक्षर अभियान जारी

प्रेसवार्ता के दौरान सरगुजा जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सीमा सोनी ने भाजपा की महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए कहा कि, एक तरफ वे महिला आरक्षण को लेकर भाजपा नेतृत्व के द्वारा किये जा रहे दुष्प्रचार को लेकर मुखर हैं, लेकिन सरगुजा सहित पूरे छत्तीसगढ़ में महिला अपराधों को लेकर चुप्पी साध रखा है। अंबिकापुर शहर में एक गरीब महिला की दुर्भाग्यपूर्ण हत्या के बाद भी अभी तक कानून व्यवस्था की स्थिति में कसावट नहीं आई है। शहर के सड़कों पर अंधेरा पसरा हुआ है। पुलिस गश्त नहीं हो रहा है। नशे के कारोबार पर लगाम नहीं लगा है। ये परिस्थितियां महिलाओं के प्रति अपराध को खुला निमंत्रण देने वाली हैं। उन्होंने भाजपा की महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से इसके लिए मजबूत आवाज उठाने की अपील की है।

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