पार्षद ने मामला लाया था संज्ञान में, न्यायालय तहसीलदार ने यथास्थिति बनाए रखने कहा

अंबिकापुर। शहर के प्राचीन तालाब रिंग रोड के समतलीकरण को लेकर नगर निगम अंबिकापुर ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी करके तत्काल कार्य रोकने कहा है और सात दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है। करीब 4 दिन पूर्व रिंग बांध के अवैध समतलीकरण को निगम पार्षद शुभम जायसवाल ने सामने लाया था। रात के समय में गुपचुप हाइवा और जेसीबी की मदद से मलबा डालकर उसका समतलीकरण किया जा रहा था। वहीं न्यायालय तहसीलदार ने भी मौके पर यथास्थिति बनाकर रखने के लिए कहा है। इसमें यह भी उल्लेख है कि जमीन निजी स्वामित्व की है।

पार्षद का कहना है कि रियासत कालीन तलाब पर लंबे अरसे से भू-माफिया धीमी गति से मलबा डालकर उस पर अतिक्रमण कर रहे थे। 4 दिन पूर्व अचानक इसमें तेजी आई थी, जिस पर अब रोक लगी है। उन्होंने इसे रोकने के लिए कलेक्टर, तहसीलदार से संपर्क करके कार्रवाई का आग्रह किया था। निगम आयुक्त को भी इसकी जानकारी दी गई, जिस पर निगम ने ठेकेदार को नोटिस जारी किया। निगम के द्वारा जारी नोटिस से स्पष्ट होता है कि निगम ने समतलीकरण करने वाले ठेकेदार के आवेदन को निरस्त कर दिया था, इसके बावजूद ठेकेदार गोपनीय तरीके से समतलीकरण में संलिप्त था। निगम का नोटिस जारी होने के उपरांत शुभम जायसवाल ने ठेकेदार के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।

न्यायालय तहसीलदार ने जारी किया ये आदेश

न्यायालय तहसीलदार के द्वारा 13 अप्रैल को एक आदेश जारी किया है। इसमें उल्लेख है कि जलभराव के क्षेत्र में मिट्टी पाटने का कार्य किया जा रहा है, जिसके स्थल जांच में पाया गया कि खसरा नम्बर 3714, रकबा 0.2310 हे. भूमि, आजाद इराकी पिता रियाजुद्दीन, निवासी अंबिकापुर के स्वामित्व की भूमि है, जो जलभराव का क्षेत्र है। इसमें मिट्टी पाटने का काम स्वयं भूमि स्वामी के द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में मौके पर छोटे नाला से गंदा पानी प्रवाहित हो रहा है, इसके आसपास छोटे झाड़ लगे हैं। भूमि स्वामी गंदा पानी जमा होने के कारण अपनी भूमि में बाउंड्रावॉल का निर्माण कराना चाहता है, जिस कारण मिट्टी पाटकर समतल किया जा रहा है। आगे उल्लेख है कि प्रकरण में राजस्व निरीक्षक अंबिकापुर-04 के प्रतिवेदन का अवलोकन किया गया। राजस्व निरीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर आवेदित भूमि जलभराव क्षेत्र होना प्रतीत होता है, जिस कारण आवेदक की उपस्थिति तक वादभूमि पर मिट्टी पाटने, निर्माण कार्य पर रोक लगाया जाता है। अनावेदक पक्ष वाद भूमि पर यथास्थिति बनाए रखे। बताया जा रहा है कि 20 अप्रैल को इन्हें प्रस्तुत होने का आदेश जारी किया गया है।

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