चीफ जस्टिस की बेंच ने आरोपित को राहत देने से साफ इन्कार कर दिया

अंबिकापुर। शहर के कन्या महाविद्यालय में एक असिस्टेंट प्रोफेसर के द्वारा छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने का मामला सामने आया है, पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर लिया है। आरोपित असिस्टेंट प्रोफेसर की अग्रिम जमानत याचिका को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. चंद्र किशोर कौशल पर छात्रा को वाट्सएप पर अश्लील फोटो, आपत्तिजनक शब्द और अभद्र गालियां लिखकर भेजने का आरोप लगा है। छात्रा अक्टूबर-नवंबर 2025 में दाखिला के लिए महाविद्यालय गई थी, तभी से प्रोफेसर उसे परेशान कर रहा था। मानिसक रूप से प्रताड़ित हो रही छात्रा ने बीते 27 फरवरी को कॉलेज के प्राचार्य को अश्लील मैसेज दिखाया, इसके बाद 10 मार्च को एफआइआर दर्ज की गई। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपित प्रोफेसर ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी, जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने मामले की गंभीरता और जारी जांच को देखते हुए आरोपित को राहत देने से साफ इन्कार कर दिया। राज्य शासन की ओर से भी असिस्टेंट प्रोफेसर के जमानत का विरोध किया गया। पुलिस इस मामले की गहन जांच व डिजिटल सबूतों को खंगाली है। प्रारंभिक जांच में लगाए गए आरोप सत्य पाए गए हैं। पुलिस की कार्रवाई और उच्च न्यायालय में जमानत के लिए लगाई गई याचिका के खारिज होने के बाद कोई ऐसा रास्ता शेष नजर नहीं आ रहा है, जहां से असिस्टेंट प्रोफेसर को राहत मिल सके।

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