अंबिकापुर। साइबर अपराध से अर्जित रकम के मामले में गांधीनगर थाना पुलिस ने 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मामले में शामिल अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फ्रॉड की रकम के लेन-देन हेतु बैंक खाता की खरीद-बिक्री में शामिल थे। आरोपियों ने प्रार्थी के एकाउंट में अपराध/साइबर ठगी से संबंधित 48 हजार 500 रुपये का ट्रांजेक्शन करवाने के बाद रकम को आहरित कराया था। अन्य आरोपियों के तलाश में पुलिस लगी है।

जानकारी के मुताबिक प्रार्थी शौर्य प्रताप निवासी गांधीनगर, हनुमान मंदिर के पास ने 29 मार्च को थाना गांधीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसका ऋत्विक सिंह निवासी सब्जी मार्केट के पीछे से बहुत पहले से परिचय है, जो दूध डेयरी और चाय दुकान का संचालन करता था। दिसम्बर 2024 में ऋत्विक सिंह उसके घर आया और कहा कि उसका खाता काम नहीं कर रहा है, और झांसे में लेकर डेयरी का रकम बोलकर 48 हजार 500 रुपये मंगाने के बाद एटीएम लेकर उक्त रकम को निकाल लिया। कुछ दिन बाद उसका खाता होल्ड हो गया था। जानकारी लेने पर साइबर ठगी से संबंधित रकम के लेन-देन पर खाता होल्ड होने की जानकारी मिली। यह भी पता चला कि ऋत्विक सिंह अपने दोस्त अमन गुप्ता निवासी देवीगंज रोड के साथ मिलकर इसी प्रकार कई लोगों के खाता में रुपये मंगाया है। रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर में धारा 318(4), 3(5) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध करके पुलिस ने विवेचना में लिया था। मामले को संज्ञान मे लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल ने थाना गांधीनगर पुलिस टीम को प्रकरण में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में पुलिस टीम ने खाता में ट्रांसफर रकम के संबंध में ऑनलाइन पोर्टल में शिकायत दर्ज होना पाया। विवेचना दौरान आरोपी ऋत्विक सिंह पिता नरेन्द्र कुमार सिंह 25 वर्ष, निवासी गांधीनगर हाईस्कूल के पीछे, अमन कुमार गुप्ता पिता स्व. चंद्रशेखर गुप्ता 24 वर्ष निवासी देवीगंज रोड से पूछताछ करने पर इन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फ्रॉड के रकम लेन-देन हेतु बैंक खाता की खरीद-बिक्री करना स्वीकार किया। आरोपी ऋत्विक सिंह ने स्वयं का तीन खाता एवं प्रार्थी शौर्य प्रताप का खाता और अमन गुप्ता के द्वारा अपना एक करेंट अकाउंट मय सीम अन्य आरोपी को देना बताया। इन खातों में ऑनलाइन फ्रॉड किया गया रकम ट्रांसफर होना पाया गया। इसके अलावा पियुष तिवारी के खाता में भी रुपये ट्रांसफर कराकर नकदी प्राप्त कर सीडीएम मशीन के माध्यम से ट्रांसफर करना बताया गया। पुलिस ने आरोपी पियुष तिवारी पिता कृपा शंकर तिवारी 25 वर्ष निवासी सत्तीपारा से घटना के संबंध में पूछताछ किया तो उसकी भी अपराध में संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने प्रकरण में धारा 317(4) बी.एन.एस. जोड़कर आरोपियों का मोबाइल जप्त करके खाता एवं रकम लेन-देन का संधारित डाटा प्राप्त किया है। प्रकरण में आरोपियों को गिरफ्तार करके न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। कार्रवाई में थाना गांधीनगर से उप निरीक्षक दिलीप दुबे, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, विकास सिन्हा, आरक्षक वीरेंद्र पैकरा, लालदेव, अशोक यादव, घनश्याम देवांगन, राहुल केरकेट्टा, अमन पुरी, विकास मिश्रा, रमेश राजवाड़े सक्रिय रहे।

 

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