शिकायत पर रेंजर ने किया था दिहाड़ी श्रमिक के रूप में कार्यरत वाहन चालक को कार्यमुक्त

शंकरगढ़़। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ में वन परिक्षेत्र सहायक ने विभागीय वाहन चालक के द्वारा शराब के नशे में गालीगलौज और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हुए गाड़ी चढ़ा देने की धमकी देने संबंधी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है।

वन परिक्षेत्र सहायक रामप्रताप राही 52 साल, निवासी ग्राम सरगवां, थाना पस्ता ने पुलिस को बताया है कि वन विभाग में दैनिक श्रमिक के रूप में कार्यरत अनिल गुप्ता पिता स्व. शिवनारायण गुप्ता 42 वर्ष, निवासी गुटराडीह, कुसमी, वर्तमान ठिकाना विशुनपुर, अंबिकापुर गोरसीडबरा, कभी-कभी उनके यहां खाना खाता था। बाद में उन्होंने वाहन चालक को अपने से खाना बनाकर खाने के लिए कहा था, इसी बात को लेकर वह चिढ़ा रहता था। शंकरगढ़ में स्थित वन विभाग के कार्यालय में जब भी वे रामनगीना राम के साथ रहते तो अनिल गुप्ता शराब के नशे में दोनों को 13 जनवरी 2026, 06 फरवरी 2026, 11 फरवरी 2026 एवं 17 फरवरी 2026 को बहुत बड़े अधिकारी बनते हो, कहते हुए जातिगत शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज करने लगता और देख लेने, गाड़ी चढ़ा देने की धमकी देने लगता। इसी तरह अन्य कर्मचारियों से भी अभद्र व्यवहार करना उसकी आदत में शुमार हो गया था। इससे व्यथित होकर सभी कर्मचारियों ने संघ के माध्यम से पूर्व में रेंजर शंकरगढ को लिखित में आवेदन देकर इसे कार्य से पृथक करने का आग्रह किया गया था। इसके बाद रेंजर ने अनिल गुप्ता को 25.02.2026 को कार्य से पृथक कर दिया है। आरोप है कि काम से पृथक होने के बाद अनिल गुप्ता के द्वारा मीडिया ग्रुप में अनर्गल बातें साझा की जा रही है, जिससे उन्हें व अन्य कर्मचारियों के बीच प्रताड़ना जैसी स्थिति बन रही है। इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देने के बाद वन परिक्षेत्र सहायक ने मामले को पुलिस के संज्ञान में लाया है। मामले में पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(अं) 351(2) का मामला दर्ज कर लिया है।

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