विभिन्न निर्माण कार्यों के नाम पर किया था 30 लाख से अधिक का वारा-न्यारा

बलरामपुर। वित्तीय वर्ष 2014-15 में जनपद पंचायत वाड्रफनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में मुरुम मिट्टी, सड़क एवं अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि गबन करने के मामले में पुलिस ने वर्षों से फरार चल रहे तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इनके द्वारा 30 लाख रुपये से अधिक की शासकीय राशि का वारा-न्यारा किया गया था।
जानकारी के मुताबिक पुलिस चौकी वाड्रफनगर में धारा 467, 468, 409, 420 एवं 34 भारतीय दंड संहिता के मामले में आरोपी श्रवण कुमार मरकाम पिता बिकाऊ मरकाम 62 वर्ष, निवासी शिव मंदिर महुआपारा, गांधीनगर अंबिकापुर के विरूद्ध अपराध दर्ज किया गया था। आरोपी उस समय जनपद पंचायत वाड्रफनगर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर पदस्थ रहा। पुलिस के अनुसार, ग्राम पंचायत तुगंवा, गुडरू, जमई एवं पेंडारी में मुरुम मिट्टी, सड़क सह-पुलिया, तटबंध एवं डब्ल्यूबीएम निर्माण के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासकीय राशि का गबन किया गया था। इस संबंध में वर्ष 2020 में तत्कालीन सीईओ द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। मामले में पूर्व में कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) अश्विनी कुमार तिवारी सहित सप्लायर हरिहर यादव, कुंजलाल साहू एवं रोजगार सहायक गिरीश यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। विवेचना दौरान धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कथन दर्ज कराए गए, जिसमें अश्विनी कुमार तिवारी ने तत्कालीन सीईओ श्रवण कुमार मरकाम के साथ मिलकर 30 लाख 02 हजार 449 रुपये गबन करना स्वीकार किया था। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी श्रवण कुमार मरकाम को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ की, तो वह अपना जुर्म स्वीकार किया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

 

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