कलेक्टोरेट परिसर को माना जाता है अति-संवेदनशील और सुरक्षित

अंबिकापुर। शहर के हृदयस्थल में सबसे सुरक्षित माना जाने वाला कलेक्टोरेट परिसर भी चोरों से सुरक्षित नहीं है। शहर की कानून-व्यवस्था को धत्ता बताते नकाबपोश चोरों ने परिसर में स्थित जन आस्था के केंद्र को अपना निशाना बना दिया। चोरी की वारदात ऐसे अति सुरक्षित परिसर में हुई, जहां जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक का कार्यालय है। घटना से शहर में कमजोर पुलिसिंग व्यवस्था की पोल खुल रही है। चोर कितनी धन राशि मंदिर के दान पेटी से ले गए यह महत्वपूर्ण नहीं, लेकिन वारदात को बेखौफ अंजाम देना कई प्रकार के सवालिया निशान लगा रहा है।
बता दें कि कलेक्टोरेट परिसर में भव्य इच्छापूर्ति दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर का निर्माण पूर्व कलेक्टर विलास भोस्कर द्वारा कराया गया है। नवंबर 2024 में यहां प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई, इसके बाद यह मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र बन गया है। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के लिए रोजाना श्रद्धालु पहुंचते हैं। शातिर नकाबपोशों ने इस मंदिर में रखी दान पेटी को बड़ी सफाई से ताला तोड़ा और उसमें जमा महीनों का चढ़ावा लेकर रफूचक्कर हो गए। घटना का पता गुरुवार की सुबह उस समय चला जब मंदिर के पुजारी रोजाना की भांति पूजा करने के लिए पहुंचे। मंदिर का क्षतिग्रस्त मुख्य द्वार और टूटी हुई दान पेटी देखकर उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कोतवाली पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का फुटेज खंगालने पर चेहरे पर नकाब बांधे तीन युवक बेहद इत्मिनान से मंदिर के भीतर घुसकर चोरी करते नजर आ रहे हैं। चोरों ने कुछ ही मिनटों में पेटी को खाली किया और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। चेहरे में नकाब होने की वजह से फिलहाल इनकी पहचान नहीं हो पाई है। सामने आए हुलिए के आधार पर संदिग्धों के तलाश में पुलिस जुट गई है। बड़ी बात यह है कि कलेक्टोरेट परिसर में कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, पुलिस अधीक्षक जैसे जिला अधिकारियों के अलावा तमाम कार्यालयों का संचालन होता है, इस लिहाज से यह परिसर अति-संवेदनशील और सुरक्षित माना जाता है। ऐसे परिसर के अंदर मंदिर में चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में ले रहा है। कलेक्टोरेट परिसर में पहुंचे लोगों को जब मंदिर में चोरी की जानकारी मिली, तो उन्होंने टिप्पणी की, जब प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के नाक के नीचे मंदिर सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों के सुरक्षा व्यवस्था कैसे होगी, इसे कहने की जरूरत नहीं है। कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई वारदात को लेकर पुलिस अफसरों का कहना है कि जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत आम जन महसूस कर रहे हैं।

कलेक्टोरेट परिसर में चौकीदार रहते हैं तैनात
कलेक्टोरट परिसर में कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक के कार्यालय सहित तमाम विभागीय कार्यालयों का संचालन होने के कारण इस परिसर को अति संवेदनशील माना जाता है। कार्यालयीन समय में तो अधिकारी-कर्मचारियों की यहां मौजूदगी रहती है, इसके बाद चौकीदारों की निगरानी में यह विशाल परिसर रहता है। एहतियात बतौर यहां सीसीटीव्ही चौतरफा लगे हैं। इसके बाद भी बिना किसी डर-भय के कलेक्टोरेट परिसर में स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में चोरों ने धावा बोला और चोरी की वारदात को अंजाम देकर इत्मिनान से निकल गए।

 

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