02 आरोपी गिरफ्तार, लूट की रकम 56 हजार रुपये कराया गया होल्ड

अंबिकापुर। कलकत्ता से आए मछली के कारोबारियों का अपहरण करके रात भर एक कमरे में नजरबंद रखने और जान से मारने की धमकी देकर पौने दो लाख रुपये वसूलने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मामला संज्ञान में आने पर कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, फरार आरोपियों के तलाश में पुलिस लगी है। पुलिस ने बैंक में जमा किए गए लूट की रकम में से 56 हजार रुपये को होल्ड करा दिया है।
जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल के नारायणपुरा बालिसखाना भाना भाटपाड़ा बारानगर 24 परगना उत्तर निवासी अरुप दास पिता बाबूलाल दास बीते 31 जनवरी को अपने साथी अरूण साव के साथ कलकत्ता से ट्रेन में बिलासपुर होते अंबिकापुर आया था और गौरव पथ में अंतर्राज्यीय प्रतीक्षा बस अड्डा के पास स्थित मानस होटल में रूका था। यहां आने के बाद वे मछली बेचने के लिए स्थानीय मछली के विक्रेताओं और होटलों में घूम-घूमकर संपर्क कर रहे थे। तीन फरवरी को दोनों होटल से दोपहर करीब 12 बजे निकले और बस स्टैंड के आसपास मछली का कारोबार करने वाले लोगों से बातचीत करने के बाद खाना खाकर मौलवी बांध तालाब की ओर मछली देखने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान मोटरसायकल और स्कूटी में सवार चार युवक आए और इनसे कहां से आए हो, पूछा। जब इन्होंने पश्चिम बंगाल से मछली बेचने के लिए आने की बात कही, तो वे गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर अलग-अलग दोपहिया वाहनों में इन्हें बैठाकर ले गए और अनजान जगह में ले जाकर पास में रखे 35 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और पर्स लूट लिए। इसके बाद इन्हें एक कमरे में ले जाकर रात भर बंद रखा। इस बीच 5-6 अन्य लोग आए और जान से मारने की धमकी देकर इनके साथ सभी ने मारपीट की। आरोपियों ने भयादोहन करते हुए कहा कि अगर छूटना है तो दो लाख रुपये दो, नहीं तो जान से मारकर खत्म कर देंगे, किसी को तुम लोगों का पता भी नहीं चलेगा। इससे दोनों घबरा गए और पास में रुपये नहीं होने की बात कहकर छोड़ देने की मिन्नतें करते रहे, लेकिन सभी रुपये की मांग को लेकर अडिग रहे। इनके खतरनाक मंशा को देखकर वे फोन करके ऑनलाइन 50 और 60 हजार रुपये मंगाए, जिसे आरोपियों ने फोन पे, यूपीआई से अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया। आरोपी इनके पास मिले एटीएम का पिन नम्बर लेकर 30 हजार रुपये नकद भी फोन पे, यूपीआई से अपने नम्बर पर ट्रांसफर कर लिए थे। पौने दो लाख रुपये मिलने के बाद 4 फरवरी को सुबह 9 बजे आरोपियों ने इन्हें धमकाते हुए छोड़ दिया था। मामले में थाना कोतवाली में धारा 296, 351(3), 115 (2), 190, 191(2), 127(7), 310(2), 135 बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

इन आरोपियों को गिरफ्तार की पुलिस
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल द्वारा पुलिस टीम को मामले में त्वरित कार्रवाई कर प्रकरण के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में साइबर सेल एवं थाना कोतवाली पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई कर प्रकरण में शामिल 02 आरोपियों अलताब खान पिता अरमान खान 21 साल निवासी ग्राम जरहाडीह मिशन स्कूल रोड रघुनाथपुर, थाना लुण्ड्रा व शरद चौधरी पिता दिनेश चौधरी 22 साल निवासी दर्रीपारा मलेरिया ऑफिस के पास अंबिकापुर को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों ने लूट की रकम को खाते में जमा करना बताया, जिसमें से 56 हजार रुपये को होल्ड किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 03 मोबाइल जप्त किया गया है। पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया है, और फरार आरोपियों के तलाश में लगी है।

कार्रवाई में ये रहे शामिल
कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, उप निरीक्षक के.के. यादव, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, जयदीप सिंह, व विकास सिन्हा, आरक्षक मनीष सिंह, अमनपुरी, राहुल केरकेट्टा, मंटू गुप्ता, शिव राजवाड़े सक्रिय रहे।

बदमाशों में पुलिस का खौफ नहीं
पुलिस ने फौरी कार्रवाई करते हुए दो बदमाशों को जरूर गिरफ्तार कर लिया, लेकिन आए दिन शहर में बेखौफ मारपीट, चाकूबाजी जैसी घटनाएं हो रही हैं, जिससे बदमाशों में पुलिस का खौफ नहीं, जैसी चर्चा शहर में होने लगी है। अपराधी संगीन वारदातों को अंजाम देने में नहीं हिचक रहे हैं। ऐसे में पुलिस अधिकारियों के द्वारा अपराधियों पर नकेल कसने के लिए कसावट की बात करना फिजूल साबित हो रहा है। दिनदहाड़े कभी चाकूबाजी तो कभी अपहरण, लूट जैसी वारदातों का सामने आना कहीं न कहीं पुलिस की नाकामी को उजागर कर रहा है।

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