जिले में अवैध धान की खरीदी पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं कलेक्टर ने

अंबिकापुर। नवपदस्थ कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले में अवैध धान की खरीदी रोकने और धान के पुनर्चक्रण पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में खाद्य अधिकारी एवं जिला विपणन अधिकारी सरगुजा द्वारा संयुक्त रूप से 18 दिसंबर को मेसर्स शिवम फूड प्रोडक्ट, कंठी स्थित राइस मिल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान धान के पुनर्चक्रण (री-साइक्लिंग) की पुष्टि हुई है।
निरीक्षण के समय राइस मिल संचालक निकित अग्रवाल उपस्थित पाए गए। मिल परिसर में ट्रक क्रमांक सीजी 15 डीएफ 5844 में हरे रंग के प्लास्टिक बोरी में 170 बोरी धान लोड किया जाना पाया गया। उक्त धान को मौके पर ही जप्त कर राइस मिल संचालक की सुपुर्दगी में दिया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जूट बारदाने से धान को पलटी कर प्लास्टिक बोरी में भरकर धान खरीदी में खपाने के उद्देश्य से लोड किया जा रहा था। भौतिक सत्यापन के दौरान मिल परिसर में 17,933 बोरी धान, समिति से लाए गए 1,900 बोरी धान से भरे तीन ट्रक तथा 6,553 बोरी पुराना चावल पाया गया। इस प्रकार कुल 19,833 बोरी धान, वजन 7,933.20 क्विंटल, मौके पर मौजूद मिला। दस्तावेजों के अनुसार एफसीआई अनुबंध अंतर्गत 9,120 क्विंटल का डीओ जारी हुआ था, जिसमें से 9,040 क्विंटल का उठाव हो चुका है। वहीं नान अनुबंध अंतर्गत 3,040 क्विंटल का डीओ जारी हुआ, जिसमें 2,740 क्विंटल का उठाव किया गया। इस प्रकार राइस मिल द्वारा कुल 11,880 क्विंटल (29,700 बोरी) धान का उठाव किया गया, जबकि भौतिक सत्यापन में 9,867 बोरी (3,946.80 क्विंटल) धान कम पाया गया।
अधिकारियों के अनुसार जांच में यह स्पष्ट होता है कि राइस मिल संचालक द्वारा कम पाए गए धान का उपयोग पुनर्चक्रण कर धान खरीदी में खपाने के लिए किया गया। निरीक्षण के समय मिलिंग कार्य एवं मशीन बंद पाई गई तथा स्टॉक संबंधी अभिलेख एवं दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। जांच में यह कृत्य छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 की कंडिका 4(3), 4(5), 6(1) एवं 6(3) का उल्लंघन पाया गया है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध है। मामले में आवश्यक कार्रवाई हेतु कलेक्टर को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया है। प्रकरण में पंचनामा, कथन, जप्ती पत्रक एवं सुपुर्दगी पत्रक संलग्न किए गए हैं, जिस पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

अवैध धान संग्रहण पर जिला प्रशासन की सख्ती, 486 क्विंटल धान जप्त
नवपदस्थ कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में जिले में अवैध धान संग्रहण के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से सघन जांच और कार्रवाई की जा रही है।
इसी कड़ी में सोमवार को राजस्व विभाग, खाद्य विभाग एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने अंबिकापुर शहर में कार्रवाई करते हुए महामाया ट्रेडिंग, भगवती ट्रेडिंग एवं श्री श्याम ट्रेडिंग के परिसरों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान इन तीनों प्रतिष्ठानों में बड़ी मात्रा में धान का भंडारण पाया गया, जिसके संबंध में संबंधित व्यापारियों द्वारा वैध अनुमति अथवा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। दस्तावेजों के अभाव में टीम द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कुल 486 क्विंटल अवैध धान जप्त किया गया। जप्त किए गए धान को सुरक्षित रूप से अभिरक्षा में लेकर आगे की वैधानिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालकों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है। जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से संचालित है और किसानों को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो, इसके लिए अवैध संग्रहण, जमाखोरी एवं अनियमित व्यापार पर कड़ी नजर रखी जा रही है। संयुक्त टीमों द्वारा निरंतर निरीक्षण कर ऐसे मामलों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर अजीत वसंत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिले में अवैध रूप से धान का संग्रहण, परिवहन या नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने व्यापारियों से अपील की है कि वे शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए वैध दस्तावेजों के साथ ही धान का क्रय-विक्रय करें।

 

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