पत्थलगांव। कुछ दिनों पहले बनी एनएच-43 की उखड़ने से बवाल मच गया है। लोगों ने आरोप लगाया है कि लोक निर्माण विभाग ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल किया है जिसके कारण सड़क उखड़ गई है। भाजपा के नेताओं और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद, अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क को जेसीबी द्वारा हटाया गया। ठेकेदार पर कार्रवाई के संकेत मिले हैं, वहीं विपक्ष की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं।

जनता के पैसे का दुरुपयोग
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पत्थलगांव में एनएच-43 पर यह घटना घटी। दो दिन पहले ही डामरीकृत सड़क के टूटने से स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मामला बढ़ता देख विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग पाया गया। सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर नाराज भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष अंकित बंसल ने कहा कि ‘जनता के टैक्स से बनने वाली सड़कें अगर 48 घंटे भी नहीं टिकतीं, तो यह सरकार की राशि और जनता के पैसे का खुला दुरुपयोग है।’

जेसीबी से उखड़वाया
जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं के दबाव के बाद एनएच विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद रहकर सड़क की परत को जेसीबी से उखड़वाया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि दोबारा निर्माण मानकों के अनुसार हो सके। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने भी माना कि ठेकेदार ने प्रारंभिक स्तर से ही गुणवत्ता नियमों का पालन नहीं किया। स्थानीय लोगों ने सड़क उखाड़ने के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि गलत कामों का विरोध करना किसी भी सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करता है।

विपक्ष का मौन संदेहास्पद
इस पूरे मामले में विपक्ष की चुप्पी को लेकर शहर में सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि विकास और पारदर्शिता के मुद्दों पर विपक्ष का मौन रहना कई संदेह पैदा करता है। एनएच विभाग के एसडीओ उग्रसेन नायक ने भी पुष्टि की कि निर्माण सामग्री निम्न स्तर की थी। उन्होंने कहा कि ‘घटिया निर्माण की बात सामने आई है। जेसीबी से सड़क हटाकर दोबारा डामरीकरण कराया जाएगा।’

 

 

Categorized in: