मृतक वर्ष 2022 से 2025 के बीच कुल 34 बार विभिन्न अस्पतालों में कराया उपचार

बलरामपुर। जिले के चर्चित धनंजय ज्वेलर्स चोरी कांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसी प्रकरण से जुड़े एक अन्य आरोपी उमेश सिंह की मौत ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी उमेश सिंह को पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार कर थाना बलरामपुर लाया जा रहा था, इसी दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। पुलिस ने तत्काल गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला चिकित्सालय बलरामपुर में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद जिला मुख्यालय में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मृतक उमेश सिंह के स्वास्थ्य संबंधी पूरे रिकॉर्ड की जांच कराई। जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। मृतक उमेश सिंह वर्ष 2022 से लेकर वर्ष 2025 तक कुल 34 बार विभिन्न अस्पतालों, विशेष रूप से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती होकर उपचार करा चुका था। रिपोर्ट के अनुसार उमेश सिंह सिकलसेल सहित कई  बीमारियों से लंबे समय से पीड़ित था। उसकी चिकित्सीय फाइलों में लगातार ब्लड ट्रांसफ्यूजन, कमजोरी एवं अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं के उपचार के प्रमाण दर्ज हैं। चिकित्सा दस्तावेजों से यह भी स्पष्ट होता है कि उमेश सिंह की हालत पिछले कुछ महीनों से लगातार खराब हो रही थी। इस खुलासे के बाद उमेश सिंह की मौत किसी बाहरी कारण से नहीं, बल्कि उसकी पूर्व से चली आ रही गंभीर बीमारियों की वजह से हुई है, स्पष्ट होना पुलिस मान रही है। हालांकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देशन में मजिस्ट्रियल जांच भी शुरू कर दी गई है। स्थानीय स्तर पर अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है। प्रशासनिक जांच के परिणाम का इंतजार है। जिला अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उमेश सिंह को जब लाया गया था, तब उसकी हालत अत्यंत नाजुक थी। डॉक्टरों ने उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया, परंतु उसकी गंभीर बीमारी और शारीरिक कमजोरी के चलते नहीं बच सका।

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