० शहर की सडक़ों पर उड़ रही बेहिसाब धूल ने लोगों का जीना किया मुहाल, दमा, एलर्जी जैसी गंभीर बीमारियों को मंडरा रहा खतरा
अंबिकापुर। शहर की मुख्य सडक़ों का हाल बेहाल है। आप किसी भी सडक़ पर निकल जाइए, धूल से नहा लेंगे। फिलहाल ये सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल कर चुके अंबिकापुर की हकीकत है। ये अंबिकापुर से मनेंद्रगढ़ मार्ग की बात हो या अंबिकापुर-रायगढ़, अंबिकापुर-रामानुजगंज, बनारस रोड, अंबिकापुर-बिलासपुर रोड की। हर मार्ग पर धूल ही धूल उड़ रही है। यदि गलती से आप भारी वाहनों के पीछे हैं तो आपकी फजीहत तय है। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। धूल से दमा, एलर्जी जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
अंबिकापुर शहर व इससे निकलने वाली सडक़ों पर बेहिसाब गड्ढे हो गए हैं। रेलवे स्टेशन से मनेंद्रगढ़ रोड होते हुए गांधी चौक तक पहुंचना किसी बड़े टास्क से कम नहीं है। यही हाल भारत माता चौक से लुचकी घाट तक की सडक़ की है। अंबिकापुर से रामानुजगंज नेशनल हाइवे की स्थिति इन दिनों सबसे जर्जर हालत में है। इस सडक़ पर बड़े-बड़े गड्ढे किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं हैं। इन सभी सडक़ों पर हिचकोले खाते हुए लोग धूल-धुसरित हो रहे हैं। दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा परेशान हैं। यही हाल छोटे चारपहिया वाहन चालकों की है, गड्ढों में पडक़र गाडिय़ों में टूट-फूट हो रही हैं।
वाहन चालकों के साथ दुकानदार भी परेशान
रेलवे स्टेशन से गांधी चौक तक की सडक़ की बात करें तो वाहन चालक से लेकर दुकानदार तक परेशान हैं। नेशनल हाइवे की यह सडक़ गड्ढों से अटी पड़ी है। इस पर दोपहिया व चारपहिया वाहन चालक हिचकोले खाते हुए चलते हैं। यदि थोड़ा सा भी ध्यान भटका तो दुर्घटना की संभावना बन रही है। धूल से लोग काफी परेशान हैं। इन मार्गों पर सैकड़ों की संख्या में मकान व दुकानें हैं। भारी वाहनों के आवागमन से उड़ रही धूल घरों व दुकानों में घुस रही है। इससे दुकान में रखे सामान खराब हो रहे हैं।
बीमारियों का खतरा, कमर पर पड़ रहे झटके 
शहर की सडक़ों पर उड़ रही धूल से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। धूल की वजह से दमा, एलर्जी बीमारी हो सकती है। कई लोग इस बीमारी की चपेट में भी आ चुके हैं। वहीं गड्ढों में हिचकोले खाने से वाहन चालकों के कमर में दर्द भी शुरू हो गया है। हर दिन इन सड़कों से कई स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं का भी आना-जाना होता है। वे भी धूल से जहां परेशान हैं वहीं हर दिन उनके ड्रेस भी गंदे हो जा रहे है।
पैच रिपेयरिंग की मिली है स्वीकृति
अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ नेशनल हाइवे समेत शहर से निकलने वाली अन्य सड़कों पर पैच रिपेयरिंग कराने की स्वीकृति मिल चुकी है। पौने 2 करोड़ की लागत से काम होना है। आनेवाले 2 से 3 दिन में रोड रिपेयरिंग का काम शुरू होने की बात एनएच विभाग द्वारा कही जा रही है। पैच वर्क के बाद जनता को गड्ढों भरी सड़क और धूल से मुक्ति मिलेगी।

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