अंबिकापुर। दीपावाली के दिन पूजा-पाठ के बाद मंदिर जलने से व्यथित नवविवाहिता खरपतवार नाशक दवा का सेवन कर ली, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कोतवाली पुलिस ने तहसीलदार व मायके-ससुराल पक्ष के मौजूदगी में मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
जानकारी के मुताबिक जशपुर जिला के पत्थलगांव अंतर्गत ग्राम मोड़ेकेला की लक्ष्मी बेहरा 22 वर्ष का विवाह तीन वर्ष पूर्व राजेश बेहरा के साथ हुआ था। दोनों सुखी दाम्पत्य जीवन व्यतीत कर रहे थे। दीपावाली के दिन 20 अक्टूबर को लक्ष्मी अपने घर में पूजा करने के बाद किराना दुकान में पूजा करने गई थी। पूजा-पाठ करने के बाद मंदिर में दिया जलाकर रखी, इस दौरान अचानक मंदिर में आग पकड़ लिया, जिसमें मंदिर और अंदर रखा पूरा सामान जल गया था। मंदिर में आग लगे देखकर वह इसे बुझाने का भी प्रयास की, जिसमें उसका बायां हाथ और पैर भी आंशिक रूप से जल गया था। दीपावाली के दिन पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-पाठ करने के बाद हुई इस घटना से वह काफी व्यथित हो गई थी। स्वजन उसे बड़ा हादसा टल गया, कहते हुए दिलासा देने में लगे थे, लेकिन उसके दिलो-दिमाग से मंदिर का आग की चपेट में आने का परिदृश्य नहीं हट रहा था, जिस कारण वह सदमे में थी। अगले दिन सुबह उठने के बाद लक्ष्मी खाना बनाई और परिवार के लोगों को खाना खिलाने के बाद बगल में स्थित पुराने घर में रखे खरपतवार नाशक दवा का सेवन कर ली। इस पर उसके पति की नजर पड़ी और वह उसके हाथ से जहरीली दवा को लेकर फेंक दिया था। स्वजन उसकी स्थिति बिगड़ते देख सीतापुर स्वास्थ्य केन्द्र ले गए, यहां दो दिन तक चले उपचार के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। चिकित्सक के द्वारा रेफर करने पर स्वजन उसे माता राजरानी मेमोरियल अस्पताल अंबिकापुर लेकर पहुंचे, यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल से मिली सूचना पर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है। मायके और ससुराल पक्ष के लोगों की मौजूदगी में न्यायिक अधिकारी के समक्ष पुलिस ने मृतिका के शव का पंचनामा, पोस्टमार्टम कराया है, और शव स्वजन के सुपुर्द कर दिया है। घटना से पूरा परिवार शोकाकुल है।

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