अनिश्चितकालीन आंदोलन की रूपरेखा बनी,
अंबिकापुर। सहकारी समिति के कर्मचारियों ने चार सूत्रीय लंबित मांगे पूर्ण नहीं होने पर धान खरीदी का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार को काफी संख्या में एकजुट होकर पहुंचे कर्मचारियों ने सरगुजा जिला मुख्यालय में जमकर नारेबाजी की और प्रदेश के मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री, सहकारिता मंत्री और वित्त मंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इसमें उल्लेख है कि छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से यहां के कर्मचारी किसानों को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। समर्थन मूल्य में धान खरीदी के समय 2739 उपार्जन केंद्रों से समानुपात में धान का परिवहन नहीं होने से मार्कफेड रायपुर द्वारा सुखत की राशि सहित प्रासंगिक व्यय, सुरक्षा व्यय कमीशन की राशि काटकर समितियों को भुगतान किया जाता है, और मिलर द्वारा समय पर धान का उठाव नहीं करने पर पेनाल्टी की राशि स्वयं लेती है। धान खरीदी से होने वाली क्षति से समिति कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पाता है, ऐसे में सहकार से समृद्धि लाना असंभव है।
लंबित मांगों की ओर खाद्य प्रशासन का ध्यान दिलाते हुए कहा गया है कि समर्थन मूल्य में धान खरीदी वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में धान परिदान पश्चात हुई संपूर्ण सुखत को मान्य करके राशि समितियों को दी जाए। धान खरीदी वर्ष 2024-25 में परिवहन पश्चात संपूर्ण सुखत समिति को दी जाए अथवा प्रत्येक सप्ताह संपूर्ण परिवहन हो और वर्ष शून्य शार्टेज प्रोत्साहन का प्रावधान करते हुए प्रदत्त कमीशन, प्रासंगिक, सुरक्षा व्यय में बढ़ोतरी की जाए एवं मध्य प्रदेश सरकार की भांति शासन उचित मूल्य दुकान के विक्रेताओं को प्रतिमाह 3000 रुपये दिया जाए। कलेक्टर द्वारा नामित प्रशासनिक धान खरीदी अधिकारी प्रभारी को खरीदी के समय से संपूर्ण धान परिवहन का मिलान अंतिम तक सुनिश्चित करने और सुखत की जिम्मेदारी सौंपी जाए। धान खरीदी नीति वर्ष 2024-25 में वर्णित आउटसोर्सिंग द्वारा कम्प्युटर ऑपरेटर नियोजन को विलोपित करके नियमितिकरण किया जाए। इसी क्रम में सहकारिता विभाग का ध्यान 2 सूत्रीय लंबित मांग की ओर दिलाया गया है। मांगों में प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को वेतनमान देने हेतु प्रति वर्ष प्रत्येक समितियों को 3-3 लाख रुपये प्रबंधकीय अनुदान राशि मध्य प्रदेश सरकार की भांति देने और श्री काण्डे कमेटी की अध्यक्षता रिपोर्ट, सेवा नियम 2018 संशोधन में भविष्य निधि, मंहगाई भत्ता, ई.आई.सी. सुविधा, संस्था के दैनिक व संविदा कर्मचारियों को समिति की सीधी भर्ती में प्राथमिकता, बोनस अंक अनिवार्य करके शीघ्र लागू करते हुए बैंक केडर अंतर्गत समिति प्रबंधक पद, तृतीय, चतुर्थ श्रेणी के बैंकों में खाली पदों पर समितियों के सहायक कर्मचारियों को 50 प्रतिशत विभागीय भर्ती करते हुए उम्र एवं योग्य में शिथिलता देने की मांग की गई है।
प्रदेश स्तरीय महाहुंकार 28 को
अगली कड़ी में 28 अक्टूबर, मंगलवार को प्रदेश स्तरीय महाहुंकार रैली निकाली जाएगी और 3 नवम्बर से 11 नवम्बर तक संभाग स्तरीय आंदोलन किया जाएगा। 12 नवम्बर से लंबित मांगों की पूर्ति हेतु छत्तीसगढ़ शासन केबिनेट के निर्णय तक सहकारी समितियों के लगभग 15,800 कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर रहेंगे।

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