न्यायालयीन कार्य का बहिष्कार करके अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी

कहा-जिला न्यायालय परिसर में ही कराया जाए मल्टीस्टोरी भवन का निर्माण

अंबिकापुर। शहर सीमा से करीब 7-8 किलोमीटर दूर जिला न्यायालय के लिए जमीन आबंटन का विरोध सरगुजा जिला अधिवक्ता संघ ने किया है। शुक्रवार को अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने न्यायालयीन कार्य का बहिष्कार करते हुए जमकर नारेबाजी की और पुराने जिला न्यायालय परिसर में ही मल्टीस्टोरी भवन का निर्माण कराने की मांग करते हुए तत्संबंध में सरगुजा कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है।
जिला एवं सत्र न्यायालय सरगुजा के वर्षों पुराने भवन में जगह की कमी लम्बे समय से महसूस की जा रही है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जिला प्रशासन से न्यायालयीन कार्यों का निर्विघ्न संचालन हो, इसके लिए भूमि की मांग की थी, जिस पर कलेक्टर सरगुजा ने 4 एकड़ से अधिक भूमि का चिन्हांकन चठिरमा में किया है, जिसकी शहर सीमा और अंतर्राज्यीय बस अड्डा से दूरी लगभग 7-8 किलोमीटर है। इससे अधिवक्ताओं और पक्षकारों को न्यायालयीन कार्यों के लिए आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। अधिवक्ताओं को जिला एवं सत्र कमिश्नर, कलेक्टर, एसडीएम, बाल न्यायालय कोर्ट, तहसील के लिए आए दिन लम्बी दूरी तय करनी पड़ेगी। वर्तमान जिला न्यायालय परिसर शहर के हृदयस्थल में है, जिससे लगे अधिकांश न्यायालय हैं। ऐसे में जिला न्यायालय के लिए चठिरमा में भूमि आबंटन किए जाने के विरोध में अधिवक्ता मुखर होकर सड़क पर आ गए, और न्यायालयीन कार्यों का बहिष्कार कर दिया, जिससे पक्षकारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अधिवक्ता एकजुट होकर नारेबाजी करते कलेक्टोरेट कार्यालय पहुंचे, और कलेक्टर तेरी तानाशाही नहीं चलेगी, नारा लगाते हुए अपर कलेक्टर सुनील नायक को जिला न्यायालय के लिए चठिरमा में भूमि आबंटन करने के आदेश को निरस्त करने की मांग की है। अधिवक्ताओं ने कहा है कि जब तक कलेक्टर इस आदेश को निरस्त नहीं करते हैं, और वर्तमान जिला न्यायालय परिसर को मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में तब्दील करने की पहल नहीं की जाती है, वे न्यायालयीन कार्यों का बहिष्कार करेंगे। अधिवक्ता संघ ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चठिरमा में न्यायालय के लिए भूमि आबंटन के आदेश को बेतुका करार दिया है। इनके द्वारा न्यायालयीन कार्य से पृथक रहते हुए किसी भी मामले में पैरवी नहीं की। अधिवक्ताओं के द्वारा न्यायालयीन कार्यों का बहिष्कार करने के कारण पक्षकारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

अधिवक्ता संघ ने पूर्व में लगाया है आपत्ति
अधिवक्ता संघ के निर्वाचित संघर्ष समिति के सदस्य अली अख्तर रिजवी, अध्यक्ष संतोष सिंह, नीरज वर्मा, अनिल सोनी सहित अन्य ने कहा कि कलेक्टर सरगुजा के द्वारा अधिवक्ताओं और पक्षकारों को होने वाली दिक्कत को नजरअंदाज करके चठिरमा में भूमि आबंटन का आदेश जारी किया है, जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। तत्संबंध में अधिवक्ता संघ की ओर से आपत्ति भी लगाई गई थी। शहर में कलेक्टर, एसडीएम, बाल न्यायालय सहित अन्य न्यायालयीन कार्य करने में आसानी होती है। चठिरमा में न्यायालय खुलने से सरगुजा के डांडगांव, प्रतापगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों से आने वाले पक्षकारों को बस स्टैंड से चठिरमा तक जाने के लिए डेढ़ दो सौ रुपये किराया देना पड़ेगा। अधिवक्ताओं ने कहा उनकी मांग है कि जिला न्यायालय परिसर में मल्टीस्टोरी भवन का निर्माण कराया जाए। न्यायालय परिसर से लगा गुलाब कॉलोनी है, इसको खाली कराकर अतिरिक्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है। इन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर वे न्यायालयीन कार्य का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की ओर अग्रसर होंगे।

सरगुजा अधिवक्ता संघ की ओर से चठिरमा में भूमि आबंटन किए जाने के संबंध में अपनी बातों को रखा है, और किसी भी न्यायालय में कार्य संपादित नहीं करने के संबंध में ज्ञापन सौंपा है।
सुनील नायक, अपर कलेक्टर

Categorized in: